पेंसिल्वेनिया उच्च न्यायालय ने एक बच्ची और उसकी दादी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए भारतीय की मौत की सजा पर मुहर लगा दी है। 10 माह की सान्वी वेन्ना और 61 वर्षीय सत्यार्थी वेन्ना की 2012 में हुई हत्या के आरोप में भारतीय मूल के रघुनंदन यंदमुरी को 2015 में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी।
इस सजा पर उच्च न्यायालय ने मुहर लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि भारतीय मूल के आईटी प्रोफेशनल यंदमुरी ने जुए की लत की वजह से अपहरण की साजिश रची और उसके बाद हत्या को अंजाम दिया। आरोपी बच्ची के माता-पिता को पहले से जानता था। जांच के दौरान यंदमुरी ने कहा कि वह घबरा गया था और आकस्मिक मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान दोषी ने कहा था कि सजा कबूलने के लिए उसपर दबाव बनाया गया था। लेकिन न्यायालय ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों के आधार पर सजा दी गई।