मुसीबतों का मारा यात्री जहाज ‘दि कार्निवाल ट्राइम्फ’ आखिरकार शुक्रवार को अमेरिका तट पर पहुंच गया और उसमें सवार सभी 3200 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया है।
इस जहाज में चार दिन पहले इंजन में आग लगने से बिजली गुल हो गई थी जिससे यात्रियों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। जहाज ने अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह सवा तीन बजे अलाबामा प्रांत में मोबाइल के तट पर लंगर डाला।
जहाज से यात्रियों को उतारने में चार घंटे से अधिक समय लगा। कई यात्री अब बसों या जहाजों के जरिए आगे की यात्रा करेंगे।
हर तरफ था गंदगी का आलम
यात्रियों ने बताया कि जहाज में हर तरफ गंदगी पसरी थी। शौचालय जाना मुश्किल हो रहा था और खाने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं।
कैबिन में गर्मी और बदबू से बचने के लिए कई यात्रियों ने गलियारों में ही आसियाना बना लिया था। जहाज में बिजली नहीं थी और अधिकांश टॉयलेट काम नहीं कर रहे थे।
जहाज ने जैसे ही लंगर डाला कुछ यात्री डेक पर चढ़ गए और हर तरफ से 'मुझे उतारो, मुझे उतारो' की आवाजें आने लगीं।
जहाज से उतारी गईं ब्रिटानी फर्ग्यूसन ने कहा कि जमीन और इमारतों को देखकर मुझे सुखद अनुभूति हो रही है। हम इस बात को लेकर बेहद डरे हुए थे कि वापस पहुंच भी पाएंगे कि नहीं।
इस जहाज का संचालन भी कार्निवाल कॉर्पोरेशन ही कर रही थी। इस कंपनी का एक जहाज पिछले साल इटली के तट पर डूब गया था जिसमें 32 यात्री मारे गए थे।
डरावना स्वप्न
‘दि कार्निवाल ट्राइम्फ’ को 30 मील खींचकर मोबाइल के तट पर लाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में छह घंटे का समय लगा। यह मोबाइल के तट पर लंगर डालने वाला सबसे बड़ा जहाज है।
एक यात्री क्लार्क जोंस ने बीबीसी को बताया कि अंतिम दिन तो हालत बदतर हो गई थी क्योंकि हम जानते थे कि हम जमीन के बेहद करीब पहुंच गए हैं और हमारी मंजिल करीब है।
जहाज से उतारे गए यात्रियों को बस से टैक्सास के गेल्वेस्टन या न्यू ओरलियंस ले जाया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यात्रियों को ठहराने के लिए 1500 होटल कमरे बुक किए गए हैं। मोबाइल से न्यू ओरलियंस पहुंचने में दो घंटे का समय लगता है।
कार्निवाल के सीईओ गैरी काहिल जहाज में घटिया सुविधाओं के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर गर्व है कि हम अपने मेहमानों को छुट्टियां का बेहतरीन अनुभव देते हैं लेकिन इस मामले में हम बुरी तरह नाकाम रहे।
यात्रियों को मिलेगा मुआवजा
कार्निवाल ने घोषणा की है कि उनका पूरा पैसा वापस किया जाएगा और भविष्य में छूट भी मिलेगी। इसके अलावा हर यात्री को मुआवजे के तौर पर 500 डॉलर दिए जाएंगे।
कंपनी ने ट्राइम्फ में प्रस्तावित एक दर्जन से भी अधिक यात्राओं को रद्द कर दिया है। साथ ही उसने माना है कि जहाज में आग लगने से पहले भी कई तरह की समस्याएं थीं लेकिन उन्हें दूर कर दिया गया था।