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अमेरिकी अखबार ने पीएम नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को बताया 'अत्याचारी'

Wed, 11 Jan 2017 03:54 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर 2016 को लिए गए नोटबंदी के फैसले की अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार "न्यूयॉर्क टाइम्स" ने कड़े शब्दों में आलोचना की है। अखबार ने इस फैसले को भारत के आम लोगों के लिए "अत्याचारी" करार दिया है।
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अमेरिकी अखबार के संपादकीय में कहा गया है कि ये मानव निर्मित संकट है। इसको लागू करने की वजह से लोगों की जिंदगी में कठिनाई बढ़ गई। पीएम मोदी की कालेधन की लड़ाई के दावों पर भी अमेरिकी अखबार ने सवाल उठाए हैं।

अखबार की खबर 'द कॉस्ट ऑफ इंडियाज मैनमेड करंसी क्राइसिस' में जिक्र किया गया है कि बड़ी संख्या में नोट बंद करने के फैसले की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। दो महीने से ज्यादा वक्त के बाद भी स्थितियां सामान्य नहीं होने और भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर, रियल स्टेट सैक्टर में कैश की किल्लत की वजह से परेशानी खड़ी हो गई है। कारों की बिक्री कम हुई है।
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छोटे शहरों में और खराब रहीं स्थितियां

अखबार ने कहा है कि लोगों को इस वजह से परेशानी ज्यादा हुई क्योंकि सरकार ने एडवांस में नोटों की छपाई नहीं की थी। इस वजह से नोटों की सप्लाई पर असर पड़ा। लोगों को एटीएम और बैंकों के बाहर लंबी कातारों में घंटों खड़ा रहना पड़ा।

अखबार का कहना है कि कई भारतीयों ने कहा कि वो कालेधन की लड़ाई में लाइन में खड़े रहने के लिए तैयार हैं लेकिन कैश की किल्लत अभी भी खत्म नहीं हुई तो उनका धैर्य जवाब दे जाएगा। अखबार ने लिखा कि छोटे शहरों में स्थितियां इस दौरान और खराब रहीं।

अखबार का कहना है कि कोई भी देश ऐसा नहीं करता जैसा भारत ने किया। यहां 98 प्रतिशत करेंसी ग्राहकों के लेन-देन में इस्तेमाल होती है। लोग पैसा ट्रांसफर करने के लिए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन अधिकतर दुकानदारों के पास उसे लेने के लिए सेटअप ही मौजूद नहीं है।
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