विश्व की दो महाशक्तियां अमेरिका और चीन दशकों से एक-दूसरे की खुफिया जानकारियों को जुटाने की कोशिश करते रहे हैं। इसके लिए दोनों ही देश अपनी जासूसी एजेंसियों का सहारा लेते हैं, लेकिन पिछले काफी वक्त से अमेरिका की खुफिया जासूसी की चीन ने कमर तोड़ दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने अपने देश के भीतर मौजूद अमेरिका के खुफिया नेटवर्क को खत्म कर दिया है। 2010 के बाद से चीन अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा जासूसों को मौत के घाट उतार चुका है या फिर उन्हें जेल में डाल दिया गया है।
पूर्व और वर्तमान अधिकारी इसे बड़ी और खुफिया चूक करार देते हैं। अमेरिका के चीन के भीतर ध्वस्त हुए खुफिया नेटवर्क को लेकर दो तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पहला तो ये कि सीआईए के कुछ जासूसों ने अमेरिका को धोखा देकर चीन की मदद की है। दूसरी ओर ये भी माना जा रहा है कि चीन ने अमेरिका के उस खुफिया सिस्टम को हैक कर लिया है, जिसके जरिए वो विदेशों में मौजूद अपने जासूसों से संपर्क साधता है। कई सालों बाद भी ये बहस अब भी छिड़ी हुई है।