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संगठित और पूर्व नियोजित था बेनगाजी हमला

Sat, 29 Sep 2012 10:42 PM IST
वाशिंगटन/एजेंसी
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अमेरिका की शीर्ष खुफिया एजेंसी ने कहा है कि बीते 11 सितंबर को लीबिया के शहर बेनगाजी में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर किए गए हमले पूर्व नियोजित और संगठित व आतंकी थे। जांच एजेंसी का कहना है कि हमला करने वाले या तो अल कायदा से संबद्ध थे या फिर उससे सहानुभूति रखते थे। मालूम हो कि इन हमलों में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस सहित चार लोग मारे गए थे।
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नेशनल इंटेलीजेंस के डायरेक्टर जेम्स क्लेपर के कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए बयान यह खुलासा किया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि किसी व्यक्ति विशेष या किसी संगठन ने इन हमलों को अंजाम दिया था। कार्यालय के प्रवक्ता शान टर्नर ने कहा कि हमले के तुरंत बाद हरकत में आई अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन था कि ये हमले अचानक हुए थे।

उनका मानना था कि अमेरिका में बनी इसलाम विरोधी फिल्म के विरोध में मिस्र, की राजधानी काहिरा में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद बेनगाजी में ये हमले एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। टर्नर के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को बाद में इन हमलों की विस्तृत जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि नई जानकारी मिलने के बाद हमने अपने पूर्व आकलन को बदल दिया। नई सूचना से ऐसे संकेत मिले हैं कि ये पूर्व नियोजित और संगठित आतंकवादी हमले थे जिन्हें आतंकवादियों ने अंजाम दिया। यह मुद्दा अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों में भी छाया हुआ है। रिपब्लिकन सांसदों ने इस बारे में ओबामा प्रशासन से जवाब देने को कहा है कि यह आतंकवादी हमला था या फिर इसलाम विरोधी फिल्म के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से भड़की हिंसा। एजेंसी
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अभी तक अलग-अलग बयान
हमले के कुछ ही घंटों बाद कुछ खुफिया एजेंसियों ने कहा था कि यह आतंकवादी हमला हो सकता है जो पूर्व नियोजित था। उन्होंने आशंका जताई थी कि इसमें अंसार अल शरिया और अल कायदा की उतर अफ्रीकी शाखा इसलामिक मागरेब का हाथ हो सकता है। लेकिन ओबामा प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने बाद में विरोधाभासी बयान दिए। हमलों के तीन दिन बाद यानी 14 सितंबर को राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा था कि अमेरिका के पास इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि बेनगाजी में हुए हमले पूर्व नियोजित थे।

दो दिन बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत सूसन राइस ने कहा कि शुरुआती सूचना से इस बात के संकेत मिलते हैं कि ये हमले पूर्व नियोजित नहीं थे और इसलाम विरोधी फिल्म को लेकर मिस्र में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भड़की हिंसा थी। 19 सितंबर को कार्नी ने सूसन की अपनी बात दोहराई लेकिन उसी दिन एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ये हमले सुनियोजित थे और जानबूझकर किए गए थे। राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केन्द्र के निदेशक मैथ्यू ओल्सन ने संसद के समक्ष सुनवाई में इसे अमेरिकी दूतावास पर आतंकवादी हमला करार दिया था।
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