बराक ओबामा ने रविवार को व्हाइट हाउस में एक छोटे समारोह में दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
अमेरिका संविधान के मुताबिक उन्हें 20 जनवरी की दोपहर तक राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी थी। लेकिन रविवार होने की वजह से शपथ ग्रहण का रंगारंग सार्वजनिक समारोह सोमवार को आयोजित किया जाएगा।
बराक ओबामा ने रविवार को व्हाइट हाउस के ब्लू रूम में राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की। सोमवार के समारोह के लिए हज़ारों कामगार और स्वयंसेवी दिनरात काम कर रहे हैं।
समारोह के लिए वॉशिंगटन मॉल के परेड मार्ग पर सफ़ेद टेंट, जेनरेटर और ट्रेलर लगाए गए हैं। आसपास की इमारतों को लाल, सफ़ेद और नीले झंडों से सजाया गया है।
स्कूल में ओबामा
इससे पहले, शपथ ग्रहण की तैयारियों में लगे बराक ओबामा ने शनिवार का दिन दूसरे स्वयंसेवकों के साथ एक स्कूल को संवारने में बिताया।
ओबामा का ये क़दम समारोह के साथ ही मनाए जानेवाले राष्ट्रीय सेवा दिवस का हिस्सा था। पिछली बार भी 2009 में बराक ओबामा ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले का दिन इसी तरह गुज़ारा था।
इस मौक़े पर उन्होंने स्वयंसेवकों से मानवाधिकारों के लिए लड़नेवाले नेता मार्टिन लूथर किंग का सम्मान करने की अपील की। इस साल मार्टिन लूथर की वॉशिंगटन मार्च की 50वीं जयंती मनाई जा रही है।
भव्य समारोह
बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता बेन राइट का कहना है कि ओबामा के लिए दूसरा कार्यकाल स्कूल में उनकी सेवा के मुकाबले ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।
अमेरिका के गन क़ानून में बदलाव, आप्रवासन नियमों में सुधार और देश को कर्ज़ से उबारना ओबामा की मुख्य चुनौतियां हैं।
2009 में ओबामा का पहला शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए क़रीब 20 लाख लोग वॉशिंगटन में जमा हुए थे।
लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बार शपथ ग्रहण समारोह को लेकर वैसा उत्साह और रोमांच नज़र नहीं आ रहा।
लेकिन साथ ही ये भी सच है कि अमेरिका के पहले काले राष्ट्रपति के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बनने से लोग शायद ही वंचित होना चाहेंगे।
अनुमान है कि लाखों लोग इस समारोह को देखने के लिए वॉशिंगटन पहुंचेंगे, हालांकि ये संख्या पहले समारोह में जुटे क़रीब 20 लाख लोगों से कम ही होगी।