फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंतरिक मामलों में दखल देने से बचें

Tue, 25 Sep 2012 10:36 PM IST
संयुक्त राष्ट्र/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत ने कहा है कि संघर्षपूर्ण हालात के दौरान किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचा जाना चाहिए। इसके साथ ही जोर देकर कहा कि वैश्विक सुरक्षा तथा कानून के शासन को प्रोत्साहित करने में विवादों का शांतिपूर्ण समाधान बेहद महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि हरदीप पुरी ने कहा कि हम व्यावहारिक विधि सिद्धांतों के अनुसार किसी भी संघर्षपूर्ण स्थिति से शांतिपूर्वक निपटने में यकीन रखते हैं। किसी भी देश के अंदरूनी मामलों में अनाधिकृत हस्तक्षेप से बचा जाना चाहिए।
विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र आम सभा के 67वें सत्र के दौरान ‘राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन’ विषय पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए पुरी ने यहां कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा बनाए रखने और  कानून के शासन को प्रोत्साहित करने में विवादों का शांतिपूर्ण समाधान महत्वपूर्ण है। पूरी ने कहा कि हमारा मानना है कि नए कानून बनाना राष्ट्रीय विधायिका का विशेष अधिकार है और सभी को नियंत्रित करने के लिए कानून आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि भारत का यह मानना है कि लोकतंत्र, आर्थिक वृद्धि, सतत विकास, लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने, गरीबी तथा भूख के उन्मूलन और मानवाधिकारों के संरक्षण जैसे मुद्दों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन लागू करना जरूरी है। पुरी ने साथ ही यह भी कहा कि भारत दृढ़ता के साथ आतंकवादी गतिविधियों की कड़ी निंदा करता है, चाहे वे कहीं भी हों और किसी ने भी उन्हें अंजाम दिया हो। उन्होंने कहा कि हम इस समस्या के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई में भरोसा करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें