एक अमेरिकी सांसद ने पाक में ईशनिंदा के दोष से बरी हुई आसिया बीबी को जान का खतरा होने के चलते अमेरिका में शरण देने के लिए प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया है। सांसद केन केलवर्ट ने दावा किया कि आसिया के ईसाई होने की वजह से उस पर अत्याचार किए गए, उसे जेल में डाला गया और धमकियां दी गईं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह पाकिस्तान में ईसाई समुदाय से जुड़ी है।
सांसद केन ने कहा कि पाक सुप्रीम कोर्ट द्वारा आसिया की मौत की सजा को खत्म करके उसे जेल से रिहा करना बेशक एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन आसिया खतरे में हैं और कट्टरपंथी इस्लामी नेता उन्हें ढाल बनाकर भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। इसलिए अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ और धार्मिक स्वतंत्रता के अन्य रक्षकों के लिए जरूरी है कि उसकी रक्षा के लिए खड़े हों। चार बच्चों की मां आसिया की जान को खतरा होने के चलते वह जल्द पाकिस्तान छोड़ सकती है। उसकी दो बेटियां पहले से ही कनाडा में रह रही हैं।
पंजाब के ननकाना साहिब के एक खेत में काम करते हुए मुस्लिम महिला के साथ अपमान जनक शब्द कहने के बाद आसिया बीबी को 2009 में गिरफ्तार कर लिया गया था। मुस्लिम महिला की शिकायत पर एक मौलाना ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया, जिस पर 2010 में निचली अदालत ने आसिया को मौत की सजा सुनाई। इसे 2014 में लाहौर हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा। इसे पाक सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।
देश-विदेश में कहीं भी यात्रा कर सकती है आसिया
पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा था कि हाल ही में ईशनिंदा के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरी की गईं आसिया एक स्वतंत्र नागरिक हैं और उन्हें देश या विदेश कहीं भी यात्रा करने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की एक पीठ ने मंगलवार को 47 वर्षीय आसिया को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था।