वर्तमान में चल रहा दशाक्रम आपके प्रतिकूल है। कुण्डली में मंगल एवं राहु की द्वादश भाव में तथा सूर्य की सप्तम भाव में स्थिति शुभ नहीं है। इसी कारण आप धोखे में आ जाते है।
ग्रह शान्ति के लिए नित्य सूर्य को जल अर्पित करें। प्रत्येक मंगलवार गाय को गुड़ की ड़ली खिलाएं। सवा पांच रत्ती का ओपल उपरत्न चांदी में शुक्रवार के दिन दाहिनी मध्यमा में धारण करें।