एक भारतीय अमेरिकी छात्र को अमेरिकी यूनिवर्सिटी के कम्प्यूटर नेटवर्क पर बड़ा साइबर अटैक करने का दोषी पाया गया है। अधिकारी ने कहा कि इस साइबर अटैक से हजारों छात्रों की शैक्षिक प्रक्रिया बाधित हो गई।
कार्यकारी अटार्नी विलियम फिट्जपैट्रिक ने एक बयान में कहा कि पारस झा ने रटगर्स यूनिवर्सिटी के कम्प्यूटर सिस्टम को मल्टीपल हैकिंग की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि इस कम्प्यूटर अटैक से फैकल्टी, छात्र और स्टाफ के बीच कम्यूनिकेशन के लिए प्रयोग में लाया जाना वाला सर्वर शटडाउन हो गया।
इस आरोप में पारस झा को अधिकतम 10 साल की सजा और करीब 16 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है। इस बारे में 13 मार्च के सजा सुनाई जाएगी। इससे पहले डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने मंगलवार को बताया कि 21 वर्षीय पारस झा को दो अन्य लोगों पेंसिलवेनिया के 20 वर्षीय जोशिया वाइट और लुसियाना के 21 साल के डॉल्टन नार्मन के साथ दोषी पाया गया है।
इन लोगों ने पिछले साल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरणों को निशाना बनाकर एक बोटनेट बनाया था। बोटनेट से आशय अवैध रूप से प्राइवेट कम्प्यूटर नेटवर्क से है जिसमें वास्तविक मालिक को इसकी जानकारी नहीं होती है।