अमरीका के एक पूर्व खुफिया अधिकारी को चीन के लिए जासूसी करने के प्रयास में सिएटल की अदालत में पेश किया गया। रोन रॉकवैल हैनसन को एफबीआई ने शनिवार को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वो चीन जाने के लिए सिएटल एयरपोर्ट जा रहे थे। हैनसेन की उम्र 58 साल है।
न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन ने चीन को सूचना भेजने की कोशिश की थी और एजेंट बनने के लिए उन्हें 5.4 करोड़ रुपए मिले हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान वो अपने गृह राज्य उटा में आरोपों का सामना करने को राजी हुए हैं।
क्या हैं आरोप?
हैनसन उटा राज्य के सीराक्वेज में रहते हैं। उन पर दूसरे देश की सरकार को मदद पहुंचाने के लिए अपने देश की सेना की जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करने का आरोप है। इसके अलावा उन पर 14 अन्य आरोप हैं, जिसमें चीन के लिए जासूसी, थोक रूप से नकदी की तस्करी, विदेशी लेनदेन और अमरीका से सामान की तस्करी करना शामिल है।
अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें अपनी बची जिंदगी जेल में गुजारनी होगी। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डेमर्स ने हैनसन के कथित जासूसी को "देश की सुरक्षा के साथ विश्वासघात" और "पूर्व खुफिया कर्मियों को अपमानित" करने वाला बताया है। उन्होंने इन आरोपों को परेशान करने वाला बताया है।
रॉन हैनसन कौन हैं?
कोर्ट में पेश किए गए न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक रॉन हैनसन अमरीकी सेना में रह चुके हैं। वो वारंट अधिकारी थे। इससे पहले वो सिग्नल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस जैसे काम कर चुके हैं। ये सब करने से पहले डीआईए ने उन्हें नागरिक खुफिया मामलों के अधिकारी के रूप में साल 2006 में नियुक्त किया था।
न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन चीनी और रूसी भाषा में बात कर सकते हैं। विभाग का ये भी कहना है कि वो 2013 से 2017 के बीच कई बार चीन गए थे। हैनसेन पर अमरीकी सरकार के लिए काम बंद करने के बाद सूचनाओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए बार-बार प्रयास करने के आरोप हैं, जिसके बाद अधिकारियों को इसके बारे में सतर्क कर दिया था।