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अमेरिका सीरिया में 'बड़ी सैन्य कार्रवाई' कर सकता है

Wed, 11 Apr 2018 01:10 PM IST
बीबीसी, हिंदी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया में हाल में हुए संदिग्ध रासायनिक (केमिकल) हमले के बाद इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लातिन अमेरिका के अपने आधिकारिक दौरे को रद्द कर दिया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि, "राष्ट्रपति वाशिंगटन में ही रहेंगे और सीरिया मामले में अमेरिका की प्रतिक्रिया पर नजर रखेंगे।" 

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इस बीच रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कहा है कि उन्होंने अपने जांच दल को सीरिया के डूमा शहर के लिए रवाना किया है। मेडिकल सूत्रों का कहना है कि डूमा में हुए केमिकल हमले में दर्जनों लोग मारे गए हैं, लेकिन मृतकों की सही संख्या के बारे का आंकलन करना फिलहाल मुश्किल है।

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल विपन्स (ओपीसीडबल्यू) ने कहा है कि उनकी टीम जल्द ही सीरिया पहुंच जाएगी। इससे पहले सीरिया और विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध में उसका समर्थन करने वाले रूस ने कहा था कि वो जांच दल के सदस्यों के दौरे में मदद करने के लिए तैयार हैं। सीरिया इस हमले के पीछे होने के आरोपों से इनकार करता रहा है। इन सब हलचल के बीच पेरू में होने वाले 'समिट ऑफ द अमेरिकाज' के लिए डोनाल्ड ट्रंप की जगह अब उप राष्ट्रपति माइक पेंस लातिन अमेरिका के दौरे पर जाएंगे।
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मंगलवार को देर शाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया मामले में रूस और अमेरिका के प्रस्तावों पर मतदान होने वाला है। अमेरिका चाहता है कि एक अलग पैनल गठित किया जाए जो सीरिया में हुए केमिकल हमले की जांच कर दोषियों की पहचान करे। वहीं रूस इस प्रस्ताव को वीटो कर सकता है।

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क्या अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो इस हमले का जवाब "अपनी पूरी ताकत से" देंगे और उन्होंने सेना के इस्तेमाल से इनकार भी नहीं किया है। बीते साल सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले इदलिब शहर में हुए संदिग्ध रासायनिक हमले में कम से कम 58 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग जख्मी हुए थे। इसके बाद अमेरिका के 50 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों ने सीरिया के एयरबेसों को निशाना बनाया था। सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सेना के खिलाफ ये अमेरिका पर पहला सीधा हमला था।

बीते सप्ताह शनिवार को हुए हमले के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ इस मामले में चर्चा कर रहा है और साथ में सैन्य कार्यवाई की संभावना तलाश रहा है। मंगलवार को इस मुद्दे पर ट्रंप ने ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीजा मे और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात की। वाशिंगटन में मौजूद बीबीसी की बारबारा उशर प्लैट कहती हैं कि ट्रंप का लातिन अमेरिका दौरा रद्द करने का फैसला ये बताता है कि अमेरिका का जवाब सीमित हमले की बजाय बड़ी सैन्य कार्रवाई हो सकता है।

मंगलवार को फ्रांसीसी सरकार के प्रवक्ता बेन्यामिन ग्रीवॉक्स के हवाले से समाचार एजेंसी एएफपी ने कहा, "अगर खतरे की लकीर को लांघा गया है तो जवाब दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा की गई है जिसमें रायासनिक हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।" 

हालांकि इस संदिग्ध हमले की पुष्टि के संबंध में अमेरिका और फ्रांस ने अब तक कोई सबूत पेश नहीं किए हैं। जिस इलाके में केमिकल हमला हुआ है वो पूरी तरह से कटा हुआ है और वहां आने-जाने की सुविधा नहीं है। ऐसे में मृतकों या घायलों की संख्या का सही अंदाजा लगाना मुश्किल है। रूस का कहना है कि उसे डूमा में क्लोरीन या अन्य किसी रसायन के इस्तेमाल के संकेत नहीं मिले हैं। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका सैन्य कार्यवाई करता है तो उसे इसके "गंभीर परिणाम" भुगतने होंगे।
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