फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिकी माउस को भी वोट दे सकते हैं अमेरिकी

Sun, 06 Nov 2016 05:41 PM IST
वैनेसा बारफोर्ड/बीबीसी
विज्ञापन
- फोटो : getty images
विज्ञापन
इंसान को वोट दे सकते हो भले ही वो इंसान चुनाव नहीं लड़ रहा हो। इंसान छोड़िए, इन चुनावों में आप किसी कार्टून किरदार के हक में भी वोट डाल सकते हैं। अमेरिका के कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां चुनावों में अपने पसंदीदा शख्स का नाम बैलेट पेपर पर लिखकर दिया जा सकता है। यह अमेरिकी चुनाव की एक अनोखी बात है, जिससे शायद ही आप वाकिफ हों।
विज्ञापन


अमेरिकी चुनाव में वोटरों को उन उम्मीदवारों के नाम बैलेट पेपर पर लिखने की इजाजत है, जो अधिकारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव तक नहीं लड़ रहे हैं। इस लिहाज से देखें तो अमेरिका में लोगों की पहली पसंद मिकी माउस है, वहीं स्कैंडनेवियाई देशों में डोनल्ड डक लोगों का चहेता है।

लेकिन हर साल अमेरिकी चुनाव में विरोध स्वरूप कुछ वोट गंभीरता के साथ भी पड़ते हैं। मसलन, ये वोट कभी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार तो कभी स्वतंत्र उम्मीदवारों को डाले जाते हैं। लेकिन शायद ही ऐसा होता हो कि कोई सीनेटर अपनी पार्टी के उम्मीदवार को वोट ना देकर, किसी दूसरे उम्मीदवार का नाम बैलेट पर लिख दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

डोनल्ड ट्रंप की जगह माइक पेंस का नाम बैलेट पेपर पर लिखेंगे

माइक पेंस - फोटो : Reuters
इस साल रिपब्लिकन पार्टी के तीन सदस्यों ने कहा है कि वे डोनल्ड ट्रंप की जगह रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस का नाम बैलेट पेपर पर लिखेंगे। ऐसा नहीं है कि ऐसा कहने वाले सिर्फ रिपब्लिकन ही हैं। कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के लोग भी है जिन्होंने कहा है कि वे बर्नी सैंडर्स को वोट करेंगे। लेकिन क्या वाकई में इससे कोई फर्क पड़ता है?
अमेरिका के केवल सात राज्य ऐसे हैं जो इस तरह के वोट को गिनते हैं। ये राज्य हैं वरमोंट, न्यू हैंपशायर, न्यू जर्सी, अल्बामा, आइओवा, पेनसेल्वेनिया और रोड्स आइलैंड।

वहीं दूसरी तरफ आठ राज्य ऐसे हैं, जो इस तरह के वोटों पर बिल्कुल भी विचार नहीं करते। ये राज्य हैं अरकांसा, हवाई, लुसियाना, नेवादा, न्यू मैक्सिको, ओक्लाहोमा, साउथ कैरोलिना और साउथ डेकोटा। एक राज्य मिसिसिपी भी है, जो लगभग हमेशा ही ऐसे वोटों को छांट देता है। बाकी के राज्य इस तरह के वोटों की इजाजत तो देते हैं, लेकिन इसके लिए उम्मीदवार को कुछ खास तरह के हलफनामे जमा करने पड़ते हैं।

ये हलफनामें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह के होते हैं। आजतक इस तरह की वोटों की बदौलत कोई अमेरिका में राष्ट्रपति नहीं बना है और आम समझदारी के साथ बात की जाए तो शायद ही कभी होगा। लेकिन संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज करना मूर्खता होगी। अलास्का में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार लीसा मरकोवस्की 2010 में इस तरह की वोट की बदौलत सीनेटर चुनी गई थीं। इससे पहले भी कुछ सांसद इस तरह से चुने जा चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें