अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई नीति के तहत प्रेसक्रिप्शन पर मिलने वाली उन दवाओं के दाम कम करने का वादा किया है, जो भारत को प्रभावित करते हों।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सोमवार को अपने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों से कहा कि अमेरिका में प्रेसक्रिप्शन पर मिलने वाली दवाओं के दाम आसमान छू रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘यदि आप यही दवा, इसी कंपनी की ऐसी ही पैकिंग में कहीं और खरीदें, तो पता चलेगा कि अमेरिका में हम उसकी कितनी ज्यादा कीमत चुका रहे हैं।’ हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी देश का नाम तो नहीं लिया, लेकिन पर्चे पर मिलने वाली दवा को लेकर उनकी नीति भारत को प्रभावित करने वाली है।
दरअसल इस साल के शुरू में भारत की राष्ट्रीय दवा कीमत प्राधिकरण (एनपीएए) ने ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट की कीमत 450 अमेरिकी डॉलर और मेटल स्टेंट की कीमत 110 डॉलर तय कर दिया था।
एनपीएए ने कहा कि ऐसी अन्य महंगी चिकित्सा उपकरणों की कीमत तय करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि हम दवा की कीमत घटाना चाहते हैं, कम से कम दूसरे देशों में उसकी कीमत के बराबर लाना चाहते हैं।