अमेरिका ने शनिवार को भारत और पाकिस्तान को वार्ता के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी को इस बात से हैरानी नहीं होनी चाहिए कि आतंकवादी समूह हमले करके दोनों पड़ोसी देशों के बीच शांति प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि इससे किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए कि आतंकवादी समूह बड़े हमले करके इस प्रकार के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश करेंगे, ताकि राष्ट्रीय नेताओं के मन में व्यावहारिक प्रभाव छोड़ने वाले आपसी सहयोग के स्तर को लेकर आशंका और भय पैदा किया जा सके।
किर्बी ने कहा, निस्संदेह हम चाहते हैं कि ऐसा नहीं हो और हम भारत एवं पाकिस्तान के बीच हाल में हुई वार्ता को लेकर प्रोत्साहित हैं और हम चाहते हैं कि ये वार्ता प्रक्रिया जारी रहे।