अमेरिका में अटार्नी जनरल जेफ सेशंस के रूस के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप प्रशासन एक और नई मुसीबत में घिरता जा रहा है। सेशंस पर आरोप लगा है कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान दो बार रूस के राजदूत से बातचीत की थी, जबकि सीनेट में अपनी नियुक्ति के दौरान उन्होंने इससे इंकार कर दिया था। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने इस झूठ पर सेशंस के इस्तीफे की मांग की है।
अमेरिका की खुफिया एजेंसियां पहले ही राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप पर संदेह जता चुकी हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन इससे इंकार करता रहा है। इन चुनावों में सेशंस ने ट्रंप के लिए नीतिगत सलाहकार की भूमिका निभाई थी।
ऐसे में सेशंस द्वारा रूसी राजदूत से दो बार मिलने व नियुक्ति के लिए होने वाली पुष्टि में मुलाकात से इंकार करने को डेमोक्रेट सदस्य संदेह की नजर से देख रहे हैं। व्हाइट हाउस ने मुलाकात की पुष्टि की है लेकिन कहा कि मौजूदा अटार्नी जनरल ने कुछ भी गलत नहीं किया है।