अमेरिका में ट्रंप प्रशासन इस बात को लेकर चिंतित है कि पाकिस्तान में जिस ढंग से हाल ही में कट्टरपंथियों का विरोध प्रदर्शन खत्म हुआ है उससे आतंकियों के हौसले बढ़े हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका हालातों पर पैनी नजर रखा हुआ है, खासतौर पर इसमें सेना की भूमिका को लेकर। अधिकारी ने पाक सरकार को फिलहाल बेहद कमजोर बताया।
पढ़ें: US: व्हाइट हाउस बोला- टिलरसन को 'हटाने' की खबरें गलत
व्हाइट हाउस से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने पाक सेना व कुछ कट्टर इस्लामिक गुटों के बीच असहायक रिश्ते देखे हैं। हम यह भी देख रहे है्ं कि क्या हुआ और सेना की इसमें क्या भूमिका रही। लेकिन चिंता इसकी है कि जिस ढंग से ये प्रदर्शन खत्म हुए उससे पाक में कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा मिला है।
अधिकारी के मुताबिक अभी सरकार काफी कमजोर है। हाल ही में जिस ढंग से प्रदर्शनों से निपटा गया उससे पाक में लोगों के लिए ईशनिंदा के आरोप लगाना आसान हो गया है। जबकि पाक में कई लोगों को ईशनिंदा के लिए मौत भी दी जा चुकी है।
पढ़ें: मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका ने उत्तर कोरिया को दी तबाह करने की धमकी
अधिकारी ने पाक में धार्मिक आजादी और मानवाधिकारों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि पाक में किसी भी सैन्य तख्तापलट की प्रतिक्रिया होगी। सैन्य तख्तापलट की स्थिति में न सिर्फ अमेरिका-पाक संबंध खराब होंगे बल्कि उस पर सभी तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए जाएंगे।
हालांकि उन्होंने कहा, वह नहीं मानते कि पाक सेना सरकार का तख्तापलट करना चाहती है, लेकिन सेना निश्चित रूप से सत्ता पर कब्जा जमाना जरूर चाहती है।