अमेरिका ने दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया में चीन को कड़ी टक्कर देने का प्लान बनाया है और इसमें भारत की अहम भूमिका होगी। माना जा रहा है कि अमेरिका ने चीन की महत्वाकांक्षी 'वन बेल्ट और वन रोड' (ओबोर) पहल का मुकाबला करने का मन बन लिया है और वह दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया में दो इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू करेगा।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने जिस 'न्यू सिल्क रोड' (एनएसआर) पहल को ठंडे बस्ते में डाल दिया था, अब ट्रंप प्रशासन ने उसे दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। 'न्यू सिल्क रोड' की पहली बार घोषणा पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जुलाई 2011 में चेन्नई में भाषण के दौरान की थी।
इन दो परियोजनाओं की एक संक्षिप्त रूपरेखा ट्रंप प्रशासन के पहले वार्षिक बजट में मंगलवार को पेश की। माना जा रहा है कि ये 'न्यू सिल्क रोड' परियोजना पब्लिक प्राइवेट पहल होगी जिसमें भारत की अहम भूमिका होगी।
गौरतलब है कि चीन एशियाई देशों और हिंद महासागर के जरिए खुद को यूरोप अफ्रीका के बाजार से जोड़ना चाहता है। इसी मकसद के तहत उसने वन बेल्ट और वन रोड परियोजना शुरू की। भारत ने चीन की इस परियोजना का विरोध किया है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गिलगिट और बाल्टिस्तान से गुजरती है।