रूस से बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिकी नौसेना ने शुक्रवार को शीत युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले जंगी बेड़े को दोबारा शामिल किया है। अमेरिकी नौसेना ने 2011 में खर्च कटौती का हवाला देते हुए इसे हटा दिया था। पिछले कुछ महीनों में रूस के लड़ाकू विमान और युद्धपोत उत्तरी अटलांटिक में ब्रिटेन सहित अमेरिका नाटो सहयोगियों के हवाई क्षेत्र और सीमा में कई बार घुसपैठ कर चुके हैं। पिछले साल नाटो नौसेना के अधिकारियों ने उत्तरी अटलांटिक में रूसी पनडुब्बियों की मौजूदगी की रिपोर्ट दी थी।
अमेरिकी नौसेना संचालन के प्रमुख एडमिरल जॉन रिचर्डसन ने कहा, ‘हम युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन इससे बचने का अच्छा तरीका यही है कि आपके पास शक्तिशाली, घातक और प्रतिस्पर्धी नौसेना हो। इस जंगी बेड़े के शामिल होने से उत्तरी अटलांटिक में घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब देने की हमारी ताकत में वृद्धि होगी। इससे अमेरिका की समुद्री श्रेष्ठता बनाए रखने में मदद मिलेगी, जो हमारे देश की सुरक्षा, समृद्धि और प्रभाव बढ़ाने में अहम होगी।’
क्यूबा मिसाइल संकट में अहम भूमिका: 1950 में पहली बार इस बेड़े को अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। 1962 में क्यूबा मिसाइल संकट के समय इस जंगी बेड़े ने अहम भूमिका निभाई थी और रूसी युद्धपोतों को क्यूबा तक पहुंचने से रोका था। 2011 में मास्को से तनातनी कम होने के बाद खर्च कटौती का हवाला देते हुए इसे हटा लिया गया था।