इसराइल द्वारा कर से जुटाए गए पैसे को फलस्तीनियों को दिए जाने पर रोक लगाए जाने का अमेरिका ने विरोध किया है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) में फलस्तीन के शामिल होने के विरोध में इसराइल ने यह फैसला किया है।
पिछले शनिवार को इसराइली अधिकारियों ने कहा था कि पिछले महीने फलस्तीनी प्राधिकरण के नाम पर लिए गए 1270 लाख डॉलर (क़रीब 805 करोड़ रुपए) रोक लिए गए हैं। अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेन साकी ने कहा है कि इसराइल के इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, "हम दोनों पक्षों से अपील करते हैं कि किसी भी तरह के तनाव बढ़ाने वाले काम न करें, जिससे सीधी बातचीत के पटरी पर लौटने में मुश्किल खड़ी हो। यह इसी तरह की कार्रवाई है।"
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका फलस्तीनी कार्रवाई से भी बहुत चिंतित है। आईसीसी में शामिल होने को लेकर जेन साकी ने कहा कि फलस्तीनी कदम से फलस्तीनी प्राधिकरण को मिलने वाले अमेरिकी अनुदान में दिक्कत आ सकती है।
माना जा रहा है कि आईसीसी में शामिल होकर फलस्तीनी संगठन इसराइल पर युद्ध अपराध के आरोपों को आगे बढ़ाना चाहता है। इसराइल फलस्तीनियों के नाम पर कर संग्रह करता है और हर महीने 10 करोड़ डॉलर फलस्तीनी प्राधिकरण को ट्रांसफर करता है। प्राधिकरण के कुल बजट की यह दो तिहाई राशि है। पिछले अप्रैल में इसराइल ने प्रतिमाह दी जाने वाली इस राशि को रोक लिया था।