उत्तर कोरिया के इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के ताजा परीक्षण को अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने दुनिया के लिए खतरा बताया है। इससे पहले पेंटागन ने बताया कि जापान सागर में गिरने से पहले उत्तर कोरियाई मिसाइल ने तकरीबन एक हजार किलोमीटर की दूरी तय की। बुधवार तड़के किए गए इस परीक्षण को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ गई हैं। छह परमाणु परीक्षणों के बाद उत्तर कोरिया ने बीते सितंबर में आखिरी बार बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। मिसाइल परीक्षण के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप और आला अधिकारियों से बातचीत के बाद रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस व्हाइट हाउस में पत्ररकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, "यह ऊंचाई तक गया, सच कहूं तो पहले दागे गए सभी मिसाइलों से ज्यादा ऊंचाई पर गया। उत्तर कोरिया जो बैलिस्टिक मिसाइलें तैयार कर रहा है, उसका खतरा दुनिया में हर जगह है।"
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अमेरिका और दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहैप ने कहा है कि मिसाइल प्योंगसांग से दागी गई। जापानी अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल 50 मिनट तक हवा में रहा, ये जापान के ऊपर से नहीं गुजरा जैसा कि अतीत में कुछ मिसाइलें जापान के ऊपर से गुजरी थीं। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, "जब मिसाइल हवा में था, तभी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को इस परीक्षण के बारे में बताया गया। इस मसले पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने भी ट्रंप से बात की और उत्तर की लापरवाही भरे अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की गई। दोनों नेताओं ने कहा कि उत्तर कोरिया का ताजा मिसाइल परीक्षण न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है।"