अमरीका के वॉशिंगटन नेवी यार्ड में हुई अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 12 लोगों की जान लेने वाले शख़्स की पहचान एरन एलेक्सिस के रूप में हुई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एलेक्सिस की मौत हो गई।
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के मुताबिक 34 साल के एरन एलेक्सिस टेक्सास के निवासी थे। उन्होंने 2007 से 2011 के बीच अमेरिकी नौसेना में तीसरे दर्जे के कर्मचारी के रूप में काम किया था।
हालांकि अभी तक सेना को इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि एरन ने सेना क्यों छोड़ी और नेवी यार्ड में कैसे घुसा। गोलीबारी के पीछे कारणों का भी अभी पता नहीं चल पाया है।
'कायर कार्रवाई'
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस घटना को कायरतापूर्ण कार्रवाई बताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने के आदेश दिए हैं। एफबीआई के अधिकारी ने बताया कि एलेक्सिस को एक ठेकेदार ने नौकरी दी थी।
वे अमरीकी नौसेना के इंटरनेट नेटवर्क पर काम करते थे और उनके पास वॉशिंगटन नेवी यार्ड में प्रवेश करने का वैध पास था।
खबरों के मुताबिक़ एलेक्सिस ने धर्म परिवर्तन कर बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया था। इसके पहले भी दो मामलों में उनका नाम सामने आया था।
पुराने आरोप
एलेक्सिस पर पहले भी दो बार गोलीबारी का आरोप लगा था और एक बार उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। साल 2004 में उन्हें एक मजदूर की कार पर फायरिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने उनसे 2010 में अपने घर के पास फायरिंग करने के आरोपों के संबंध में पूछताछ की थी। उनका कहना था कि ग़लती से हुई फायरिंग थी।
वॉशिंगटन नेवी यार्ड के सी सिस्टम कमांड हेडक्वार्टर में फायरिंग स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई। उस समय लोग दफ्तर पहुंच रहे थे। इस दफ्तर में करीब तीन हजार लोग काम करते हैं।
यार्ड के कुछ कर्मचारियों के मुताबिक उन्होंने एक हथियारबंद को निशाना लगाते हुए देखा और इसके बाद भगदड़ मच गई। गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सी सिस्टम कमांड हेडक्वार्टर को घेर लिया।