फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका चिंतित, आतंकियों के हाथ न लग जाएं पाक के परमाणु हथियार

Fri, 25 Aug 2017 03:35 PM IST
एजेंसी, वाशिंगटन।
विज्ञापन
pakistan flag
विज्ञापन
पाकिस्तान को आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह बताने के बाद अमेरिका ने आशंका जताई है कि कहीं पाक में मौजूद परमाणु हथियार और सामग्री आतंकी समूहों के हाथ नहीं लग जाएं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि सामरिक हथियारों के विकास के साथ-साथ अमेरिका की यह चिंता और गहरी हो गई है। 
विज्ञापन


ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दक्षिण एशियाई रणनीति के इस बेहद संवेदनशील हिस्से पर संवाददाताओं से बात करते हुए अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि ट्रंप सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि पाक परमाणु हथियार और सामग्री आतंकी समूहों के हाथ लग सकती है।

पढ़ें- ट्रंप के निशाने पर उत्तर कोरिया की मदद करने वाली कंपनियां, देखिए तस्वीरें

उन्होंने बताया कि व्यापक समीक्षा के दौरान सबसे बड़ा मसला यहां पनप रहे परमाणु हथियारों से जुड़ा खतरा है जो लगातार चर्चा का विषय बन रहा है और अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है। सोमवार को ट्रंप द्वारा घोषित दक्षिण एशियाई रणनीति में भी परमाणु हथियारों के गलत हाथों में जाने की बात कही गई थी। अमेरिका इसलिए भी चिंतित है क्योंकि भारत और पाक में परमाणु हथियार युद्ध के मैदान में उपयोग करने के लिए बनाए गए हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन

खतरे से निपटने के लिए भारत-पाक तनाव खत्म करना जरूरी

अधिकारी ने बताया कि इस नीति में परमाणु संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच गहरे हो रहे तनाव को प्राथमिकता दी जा रही है और उन तरीकों पर विचार किया जा रहा है जिससे दोनों देशों के बीच तनाव खत्म किया जा सके। साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य मुकाबले से भी बचा जा सके। अधिकारी के मुताबिक इस दक्षिण एशिया की नीति में भारत-पाक के बीच भरोसा पैदा करने के उपायों पर गौर किया गया है। इन देशों को बातचीत के लिए प्रोत्साहित करना भी इस नीति का ही एक हिस्सा है।

हाल ही में अमेरिकी विशेषज्ञ स्टीफन टैंकल ने भी अमेरिकी सुरक्षा केंद्र को लिखा था कि भारत-पाक में परमाणु तनाव कम करने व आतंकी हमलों को रोकने में अमेरिका का हित शामिल है। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी रक्षामंत्रालय में दक्षिण एशिया नीति पर काम कर चुके क्रिस्टोफर क्लेरी ने ‘वार ऑन रॉक्स’ नामक लेख में कहा कि पाकिस्तान के पास आज की तारीख में 100 से अधिक परमाणु हथियारों की संभावना है जबकि 200 या 300 तक परमाणु हथियारों में इस्तेमाल होने वाली विखंडनीय सामग्री हो सकती है।

क्लेरी के अलावा स्टीफन टैंकल ने ‘सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी’ को लिखा कि पाकिस्तान के पास मौजूद परमाणु हथियार आतंकी हाथों में जाने की आशंका है जिनका भारत से युद्ध की स्थिति में भी उपयोग किया जा सकता है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें