अमेरिका ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के उस प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के येरुशलम को इस्राइल की राजधानी घोषित करने संबंधी फैसले को खारिज कर दिया था।
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अमेरिका के अहम सहयोगी ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जापान और यूक्रेन समेत सुरक्षा परिषद के 14 देशों ने यूएन प्रस्ताव का समर्थन किया था। अंतरराष्ट्रीय सहमति से अलग जाकर ट्रंप ने इस महीने अपनी एक घोषणा में कहा था कि वह येरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देंगे।
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उन्होंने कहा था कि वह अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से हटाकर उसे येरुशलम में स्थापित करेंगे। ट्रंप की इस घोषणा का कड़ा विरोध हो रहा है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेन्स बुधवार को येरुशलम जाने वाले हैं।