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ट्रंप की नई चालः ये बिल पास हुआ तो भारत का कॉल सेंटर सेक्टर हो जाएगा 'बेरोजगार'

Fri, 03 Mar 2017 02:10 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
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विदेशी कामगारों और विदेशों में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इस दिशा में एक और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। 
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खास बात ये है कि ट्रंप प्रशासन के इस कदम का सबसे बड़ा खामियाजा भारतीय कंपनियों को ही उठाना पड़ सकता है जहां से अमेरिकी कंपनियां भारी संख्या में जॉब्स की आउटसोर्सिंग करती हैं। इसकी रोक‌थाम के लिए गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस में एक पुराने बिल को दोबारा पेश किया गया जो विदेशों में अपने कॉल सेंटर स्‍थापित करने वाली अमेरिकी कंपनियों पर लगाम कसता है। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार गुरुवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद गेने ग्रीन और रिपब्लिकन सांसद डेविड मैकिनली की ओर से 'यूएस कॉल सेंटर एंड कंज्यूमर प्रोटेक्‍शन एक्ट' शीर्षक वाले बिल को अमेरिकी संसद में पेश किया गया। 
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नए बिल का भारत को उठाना पड़ सकता है सबसे ज्यादा नुकसान

बिल में प्रावधान किया गया है कि जो अमेरिकी कंपनियां अपने कॉल सेंटर अमेरिका छोड़कर अन्य देशों में स्‍थापित करती हैं उनकी सरकारी सहायता या बैंक लोन रोके जा सकते हैं। बिल के तहत जो अमेरिकी कंपनियां अपने देश को छोड़कर विदेशों में नौकरियों की आउटसोर्सिंग करेंगी उन्हें बैड एक्टर माना जाएगा और उनकी एक सार्वजनिक सूची तैयार की जाएगी। 

दोनों सांसदों के अनुसार 'इस सूची में जिन कंपनियों के नाम होंगे वो सरकार की ओर से मिलने वाली मदद और बैंक लोन लेने के लिए योग्य नहीं होंगी।' 

वहीं सांसद डेमोक्रेटिक सांसद ग्रीन ने कहा कि अमेरिका के ग्रेटर ह्यूस्टन में ही अकेले 54 हजार के करीब कॉल सेंटर्स जॉब हैं जबकि पूरे अमेरिका में यह आंकड़ा 25 लाख से ज्यादा है। ऐसे में यह जरूरी है कि अमेरिकी युवाओं को अपने देश में ही बेहतर नौकरियां और उचित वेतन मिल सकें। बदकिस्मती से हमारी यह महत्वपूर्ण नौकरियां भारत और फिलिपींस जैसे देशों में जा रही हैं।
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