अमेरिका ने आतंकवादियों को पनाह देने के मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर फटकार लगाई है। अमेरिका ने पाकिस्तान से बिना किसी 'भेदभाव के' आतंकवादियों पर कार्रवाई करने को कहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने आज पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा से किसी भी भेदभाव के बिना आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। उनके प्रवक्ता ने कहा कि पॉम्पिओ ने फोन पर बाजवा से बात की। राज्य विभाग के प्रवक्ता हीथर नुआर्ट ने कहा, "उन्होंने अमेरिकी-पाकिस्तानी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीके, अफगानिस्तान में राजनीतिक सुलह की आवश्यकता और दक्षिण एशिया में सभी आतंकियों और आतंकवादी समूहों पर बिना भेदभाव के कार्रवाई करने के महत्व पर चर्चा की।"
मई में अमेरिका द्वारा पाक राजनयिकों पर यात्रा प्रतिबंध लागू करने के बाद पाकिस्तान ने भी अपने यहां अमेरिकी राजनयिकों पर पारस्परिक यात्रा प्रतिबंध लगा दिए थे। मई के बाद से यह पहली बार है कि अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों को बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव चल रहा है।
इससे पहले पिछले महीने जमात-उद-दाव के मुखिया हाफिज सईद के खुले में घूमने की बात करते हुए नुआर्ट ने कहा था कि वह खुले में घूम रहा है जो अमेरिका के लिए जबर्दस्त चिंता का विषय है। उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने सईद की गिरफ्तारी पर ईनाम रखा हुआ है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कुछ दिनों पहले स्वीकार किया था कि करीब 10 साल पहले भारत के मुंबई शहर में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में उनके देश के आतंकवादियों का ही हाथ था।
आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तान द्वारा मिलने वाले समर्थन की वजह से ही अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 35 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता बंद कर दी थी। अमेरिका बार-बार से कहता रहा है कि पाकिस्तान अपने देश की सरजमीं का इस्तेमाल आंतक के लिए ना होने दे और उनपर कड़ी कार्रवाई करे। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकियों को समर्थन देने के आरोप से इंकार करता रहा है। कुछ दिनों पहले ही जांच एजेंसी ने खुलासा किया था कि हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन का बेटा सैयद शाहिद यूसुफ अमेरिका से ऑनलाइन फंडिंग के जरिए पैसा इकट्ठा कर उसका आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता था।
इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी पाकिस्तान को सुझाव दिया था कि वह हाफिज सईद को किसी पश्चिमी एशिया देश में स्थानांतरित कर दे। यह सलाह इसलिए दी गई है क्योंकि आतंकी और उसके आतंकी संगठन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया जा रहा है।