आईएस से निपटने में लगे अमेरिका की व्यस्तता को देखते हुए आतंकी संगठन अलकायदा दक्षिण एशिया में फिर से अपनी ताकत बढ़ाने में जुट सकता है। एक वरिष्ठ अमेरिका सांसद ने चेताया है कि अलकायदा पश्चिमी पाकिस्तान के अपने गढ़ से अपनी विचारधारा को भारत में बढ़ाने की तैयारी कर सकता है।
जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज के निदेशक ब्रुस हॉफमैन ने हाउस आर्म्ड सर्विस कमिटी के सदस्यों को बताया कि अलकायदा कभी बदला नहीं है और यह अपने आपको अभी भी पश्चिम और खासतौर पर अमेरिका के खिलाफ अपने संघर्ष के अस्तित्व को देखता है। उन्होंने कमिटी के अध्यक्ष और कांग्रेस के सदस्य मैक थॉर्नबेरी को बताया कि मेरा मानना है कि अलकायदा हमारी आईएस के साथ व्यस्तता का फायदा उठाकर खासतौर पर दक्षिण एशिया में अपनी ताकत बढ़ाने में लग सकता है।
बुधवार को कांग्रेस सदस्यों की आतंकवाद और आतंकवाद रोधी रणनीतियों पर सुनवाई के दौरान हॉफमैन ने कहा कि अलकायदा भारत में अपनी विचारधारा को फैलाने की तैयारी कर सकता है जहां विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है।
हॉफमैन ने कहा कि हम पहले इसके प्रभाव को बांग्लादेश और बर्मा (म्यांमार) में देख चुके हैं। वहीं पर, वेस्ट पॉइंट के कांबैटिंग टेररिज्म ग्रुप की मिशेल शीहान ने एक सवाल के जवाब में सांसदों को बताया कि पाकिस्तान के संघीय प्रशासनिक जनजातीय क्षेत्र (एफएटीए), सेंट्रल अलकायदा के गढ़ हैं जो कि अमेरिका के लिए रणनीतिक तौर पर बड़ा खतरा हैं।