अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के दो देशों के समाधान पर अमेरिका की तरफ से लंबे समय से चले आ रहे लक्ष्य को छोड़ने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इससे मध्य पूर्व में शांति बहाली होती है तो वे एक-देश के समाधान का समर्थन कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने इजरायल से कहा है कि वह ईसाई समझौते को रोक दे।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्यहू की यात्रा पर एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में ट्रंप ने दोनों देशों के बीच कभी ना टूटने वाले रिश्ते की सराहना की। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासन में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में भारी गिरावट आई थी। 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के बाद पहली बार मिलने पर ट्रंप, नेतान्यहू से गर्मजोशी से मिले और पूरी पत्रकार वार्ता के दौरान कई बार हाथ मिलाया। हालांकि ट्रंप ने विनम्रतापूर्वक इजरायल सरकार के प्रमुख से कुछ समय के लिए फिलिस्तीन के दावे वाले क्षेत्र में भविष्य के देश के लिए बस्ती बसाने के विचार को छोड़ने के लिए कहा।
अंतरराष्ट्रीय सहमति और परंपरागत विचार से अलग हटकर ट्रंप ने कहा कि छह दशक लंबे इजरायल-फिलिस्तीन विवाद में दो देशों के समाधान को जरूरी ना मानते हुए वह किसी अन्य तरीके पर विचार करने को तैयार हैं।