आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक मुहिम को बड़ी कामयाबी मिली है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कश्मीरी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है।
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से कुछ घंटे पहले ही इसका एलान हुआ। पीएम मोदी की अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन से मुलाकात के बाद इसकी अधिसूचना जारी की गई।
इस फैसले के बाद अमेरिकी लोगों का सलाहुद्दीन के साथ किसी तरह का वित्तीय लेनदेन करना प्रतिबंधित होगा। अमेरिका में सलाहुद्दीन की सभी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। भारत ने इस कदम का स्वागत किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम दृढ़ता से इस बात को रेखांकित करता है कि भारत और अमेरिका आतंकवाद का सामना कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सितंबर 2016 में कहा था कि हिजबुल के चीफ ने कश्मीर समस्या के किसी भी शांतिपूर्ण समाधान को रोकने की कसम खाई थी। सैयद मोहम्मद यूसुफ शाह के नाम से भी पहचाने जाने वाले सलाहुद्दीन ने कश्मीरियों को आत्मघाती हमलावर के तौर पर प्रशिक्षण देने की धमकी दी थी। उसने कहा था कि वह कश्मीर घाटी को भारतीय फौजों की कब्रगाह बना देगा।
सलाहुद्दीन के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में हुई कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली। इसमें अप्रैल 2014 में हुए हमले भी शामिल हैं। इन हमलों में 17 लोग घायल हुए थे। सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित करने की अधिसूचना में कहा गया है कि हिजबुल चीफ ने आतंकवाद और दूसरे खतरे पहुंचाने की धमकी दी है।