अवैध रूप से अमेरिकी मैक्सिको बॉर्डर पार कर अमेरिका आने वाले प्रवासियों से उनके बच्चों को अलग करने वाली नीतियों की चौतरफा निंदा के बाद ट्रंप सरकार ने उसे वापस ले लिया है।
अमेरिका में इस नीति के खिलाफ न केवल प्रदर्शन हुए बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ उनकी पत्नी मेलानिया और बेटी इवांका भी हो गईं जिसके बाद ट्रंप को अपनी नीति वापस लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। पिछले एक महीने में डोनाल्ड ट्रंप की अप्रवासी नीतियों की चौतरफा निंदा हो रही थी जिसके बाद अमेरिका - मैक्सिको सीमा पर प्रवासी परिवारों को अलग करने की कार्रवाई पर रोक लगाने वाले एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
बता दें कि अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले प्रवासी परिवारों के बच्चों को बाड़े में रखने की तस्वीरें सामने आने के बाद से दुनियाभर में ट्रंप के फैसले के प्रति रोष देखने को मिल रहा था। पिछले एक महीने में ऐसे करीब 2,500 बच्चों को उनके मां - बाप से अलग किया गया। मीडिया में रोते बिलखते बच्चों की तस्वीरें वायरल होने लगीं।
शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा , “ हम परिवारों को साथ रखेंगे और इससे समस्या सुलझ जाएगीं। साथ ही हम सीमा पर सख्ती बनाए रखेंगे और इस संबंध में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम उन लोगों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे जो देश में अवैध रूप से प्रवेश करते हैं। ”
इस शासकीय आदेश में गृह सुरक्षा विभाग से परिवारों को साथ रखने को कहा गया है जब तक कि उन पर अवैध रूप से सीमा पार करने के मामले में मुकदमा पूरा न हो जाए। लेकिन उन मामलों को इस शासकीय आदेश से अलग रखा गया है जहां परिजन बच्चों के हित के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा , “सीमा पर सुरक्षा भले ही पहले के मुकाबले बढ़ाई न गई हो लेकिन पहले जितनी रहेगी। हम सीमा पर सख्ती बरकरार रखेंगे लेकिन हम परिवारों को साथ रखने वाले हैं। ”
ट्रंप ने कहा कि उन्हें परिवारों को अलग होते हुए देखना अच्छा नहीं लगता। “ यह एक ऐसी समस्या है जो कई सालों से चली आ रही है , कई प्रशासनों के कार्यकाल से। हम आव्रजन पर बहुत मेहनत कर रहे हैं। यह मामला ठंडे बस्ते में रहा है। लोगों को इसका सामना नहीं करना पड़ा लेकिन हम इसका सामना कर रहे हैं। ”
डेमोक्रेटिक नेता नेन्सी पेलोसी ने कहा , “ राष्ट्रपति का शासकीय आदेश बाल उत्पीड़न के एक रूप को दूसरे से बदलने का काम करेगा। भयभीत बच्चों को संरक्षण देने के बजाए राष्ट्रपति ने अपने अटॉर्नी जनरल को निर्देश दिए कि वह परिवारों को जेल जैसी स्थितियों में लंबे समय तक कैद रखने के लिए रास्ता तलाशे।’’
बच्चों को मां बाप से अलग करने को बताया अमानवीय
बता दें कि पिछले दिनों अमेरिका से एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें एक छोटा बच्चा पुलिस वाले के सामने रो रहा था। उस रोते हुए बच्चे को देखकर वह पुलिस अधिकारी भी उसे गोद में उठा लेता है और आंसू नहीं रोक पाता है। अमेरिकी मीडिया में अवैध रूप से आए परिवार वालों के बच्चों की रोती बिलखती फोटो देखने के बाद कोई ऐसा नहीं था जिसने इसकी निंदा न की हो और ट्वीट कर अपना रोष न दिखाया हो।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि माता-पिता से अलग किए गए बच्चों की जो खबरें, कहानियां और फोटो आ रही हैं वह हृदयविदारक है। मैं सरकार से यह कहना चाहता हूं कि कोई बीच का रास्ता निकालें जो अमानवीय न हो।
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा कि मैं खुद एक प्रवासी हूं और पिता भी हूं, इस घृणा फैलाने वाली नीतियों से चिंतित हूं।
टिम कुक, एप्पल सीईओ ने कहा कि मैं बच्चों की रोती चिल्लाती हुई फोटो देखकर और आवाजें सुनकर चिंतित हूं। हमारे समाज में बच्चे सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। मुझे लगता है जो हो रहा है वह अमानवीय है और इसे तुरंत ही रोके जाने की जरूरत है।
वहीं फेसबुक के सीईओ मार्क्स जुकरबर्ग ने कहा कि हमें इस पॉलिसी को तुरंत रोके जाने की जरूरत है।
टेस्ला के सीईओ इलोन मस्क ने कहा कि क्या कोई ऐसा रास्ता है कि मैं इन बच्चों की मदद कर सकूं। मैं इन बच्चों की मदद करना चाहता हूं।
ओप्रा विनफ्रे प्रसिद्ध एंकर ने कहा कि बच्चे अपने माता पिता से अलग किए जा रहे हैं। यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
अभिनेत्री नताली पोर्टमैन ने कहा कि यह पूरी घटना अमानवीय, निष्ठुर और सदमा देने वाली है। बच्चों पर इस तरह कि किसी भी घटना की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।