मेसाचुसेटृस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के इंजीनियर और आर्किटेक्ट की टीम ने मंगल पर बसाए जाने वाले शहर की डिजाइन प्रतियोगिता जीत ली है। यह शहर हूबहू जंगल जैसा है। प्रतियोगिता का मकसद भविष्य में लाल ग्रह पर स्थायी शहर बसाना है।
एमआईटी ने अपने डिजाइन को रेडवुड फारेस्ट का नाम दिया। इसमें पेड़ों पर ऐसे घर बनाए गए, जिसमें एक साथ 50 लोग रह सकें। इन घरों में खुली जगह होगी। पेड़ और प्रचुर मात्रा में पानी होगा। रहने की जगह पेड़ों के ऊपर की ओर होगी और नीचे की ओर यानी जड़ों में एक जगह से दूसरी जगह जाने का रास्ता होगा। इस तरह कुल दस हजार लोग एक साथ रह सकेंगे।
ये जड़ों वाले रास्ते लोगों को ब्रह्मांड से आने वाले विकिरण, छोटे उल्कापात और तापमान में एकाएक होने वाले बड़े बदलाव से भी बचाएंगे। शोधकर्ता एमआईटी की सहायक प्रोफेसर कैटलीन मुलर के मुताबिक मंगल पर उनका यह शहर बिल्कुल जंगल जैसा होगा।
वहां मिलने वाली बर्फ, पानी, मिट्टी और सूरज की रौशनी से उसे जीवन के अनुकूल बनाया जाएगा। जंगल जैसी डिजाइन इस बात का प्रतीक है कि प्रकृति का विस्तार होगा। धीरे-धीरे ये घर पूरे मंगल पर फैल जाएंगे।
सब कुछ पानी से होगा संभव
शोधकर्ताओं के मुताबिक हर पेड़ वाला घर सूरज से ऊर्जा ग्रहण करेगा और इस ऊर्जा का इस्तेमाल पानी को एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक ले जाने में करेगा। वहीं इस डिजाइन का इस्तेमाल धरती पर जीवन को आसान बनाने में भी किया जा सकता है।