दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियों में से एक नासा ने पहली बार सूर्य का बिल्कुल नजदीक से अध्ययन करने के लिए एक मिशन लॉन्च किया है। नासा एक अंतरिक्ष यान भेजेगा, जो सूर्य के नजदीक जाकर उसके आसपास के वातावरण, स्वभाव और सूर्य की कार्यप्रणालियों को समझने की कोशिश करेगा। नासा ने इस मिशन का नाम 'पार्कर सोलर प्रोब' रखा है।
इसे शनिवार को ही लॉन्च किया जाना था, लेकिन किसी कारणवश इसकी लॉन्चिंग नहीं हो सकी। अब इसे रविवार को दोबारा लॉन्च किया जाएगा।
सबसे खास बात ये थी कि आज सूर्य ग्रहण भी है और आज ही के दिन नासा ने अपना अंतरिक्ष यान सूर्य के अध्ययन के लिए भेजना उचित समझा था, लेकिन आज ये संभव हो नहीं सका। हालांकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण है। ये सूर्य ग्रहण धरती के उत्तरी गोलार्द्ध में दिखाई देगा यानी कि भारत के लोग इस सूर्य ग्रहण का दीदार नहीं कर पाएंगे।
नासा की अपने अंतरिक्ष यान को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 3 मिनट पर लॉन्च करने की योजना थी। यह कुछ महीनों के बाद सूर्य के करीब पहुंचेगा। यह सूर्य की सतह से करीब 40 लाख मील की दूरी से गुजरेगा। इससे पहले आज तक कोई भी अंतरिक्ष यान सूर्य की अनंत गर्मी और प्रकाश के कारण इतना करीब से नहीं गुजरा है, जितना कि यह यान गुजरेगा।
इस यान को पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली परिचालन प्रक्षेपण वाहनों में से एक यूनाइटेड लॉन्च अलायंस डेल्टा 4 हैवी रॉकेट के साथ लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन पर 1.4 बिलियन डॉलर का खर्च आया है। अगर ये मिशन सफल रहता है तो हमें दुनिया के अस्तित्व के बारे में पता लगाने में और भी आसानी हो जाएगी।
साल 2024 तक यह यान 6.4 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय कर सूर्य के 7 चक्कर लगाएगा। इस यान को थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस किया गया है। यह पृथ्वी के मुकाबले तीन हजार गुना अधिक गर्मी को सहन कर सकता है। इसे इस तरीके से बनाया गया कि यह सोलर एनर्जी को सोंख लेगा और उसे विक्षेपित कर देगा। इस यान में एक वाटर कूलिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जो इस यान को सौर ऊर्जा से नष्ट होने से बचाएगा और यान का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखेगा।
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