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राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘कारवां’ को देश पर आक्रमण करार दिया, कहा- वापस लौटें वर्ना संघर्ष होगा 

Wed, 31 Oct 2018 03:36 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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होंडुरास में बेतहाशा गरीबी और बेरोजगारी के चलते मध्य अमेरिका से मैक्सिको होते हुए अमेरिका में प्रवेश के इरादे से चला प्रवासियों का कारवां लगातार अमेरिका की तरफ बढ़ रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका में मध्यवर्ती चुनाव नवंबर में होने हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इसे देखते हुए सतर्कता बढ़ाने के मकसद से देश में 5000 से ज्यादा सैन्य टुकड़ियों को दक्षिणी सीमा पर भेजा जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे देश पर आक्रमण करार दिया है। ट्रंप इस कार्रवाई के जरिए मध्यवर्ती चुनाव में दक्षिण पंथियों के सामने सख्त संदेश रखना चाह रहे हैं।

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प्रवासियों का यह कारवां 7000 लोगों के साथ अमेरिका के लिए कूच किया था जिसमें अब भी 3500 लोग अमेरिका में प्रवेश करने को तत्पर हैं। ट्रंप ने प्रवासियों से कहा है कि वह अपने देश वापस जाएं और लाखों अन्य लोगों की तरह अमरीकी नागरिकता के लिए आवेदन करें। ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘शरणार्थियों के जत्थे में अपराधी गिरोह के सदस्य और बहुत बुरे लोग शामिल हैं। यह हमारे देश पर हमला है और हमारी सेना संघर्ष के लिए आपका इंतजार कर रही है।’ अब इस मामले में ट्रंप प्रशास ने ने ठोस कदम उठाते हुए शरणार्थियों के जत्थे के सीमा पर पहुंचने से पहले मैक्सिको सीमा पर 5200 सैनिकों  की तैनाती का फैसला लिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन को ‘ऑपरेशन भरोसेमंद देशभक्त’ का नाम दिया गया है, जिसका नेतृत्व सेना के लेफ्टिनेंट जेफरी एस. बुकानन कर रहे हैं। 

हथियारों के साथ हो रही सैनिकों की तैनाती

जनरल जे. ओ. शौगनेसी ने मीडिया से कहा कि सामान्यत: यूनिट को हथियार बांटे जाते हैं लेकिन यहां सैनिकों की तैनाती हथियारों के साथ ही हो रही है। मैक्सिको सीमा पर सैनिकों की तैनाती मंगलवार से आरंभ हो जाएगी। इसके अलावा अमेरिकी वायुसेना भी सीमा पर गश्त करने वाले 400 एजेंट को हवाई मार्ग से लाने ले जाने के लिए तैयार है।

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