डोकलाम सीमा पर तनातनी के बीच भारत ने कनाडा में वर्क वीजा हासिल करने के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। चाहें वो नौकरी पाने की बात हो या नागरिकता प्राप्त करने की, कनाडा चीनी लोगों की तुलना में भारतीयों को ज्यादा आकर्षित करता है।
13,670 भारतीयों को मिला वर्क वीजा
ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी 2017 से लेकर 30 जून 2017 तक यानी शुरुआती छह महीनों में 13,670 भारतीयों ने कनाडा के इंटरनेशनल मोबिलिटी प्रोग्राम के तहत वर्क वीजा हासिल किया है, वहीं इसकी तुलना में केवल 8,680 चीनी नागरिकों ने कनाडा का वर्क वीजा हासिल किया।
ये आंकड़े कनाडा के डिपार्टमेंट ऑफ इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप की ओर से जारी किए गए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के इस फाइनेंशियल ईयर में एच-1बी वीजा के लिए सबसे ज्यादा भारतीयों ने अप्लाई किया है।
इस मामले में भी भारत ने चीन को पीछे छोड़ा
इतना ही नहीं टेम्परेरी फॉरेन वर्कर प्रोग्राम के तहत भी कनाडा की ओर से जारी होने वाले वीजा में भी भारतीयों ने चाइनीज को पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के मुताबिक इस कैटेगरी में एक जनवरी 2017 से लेकर 30 जून 2017 तक 2190 भारतीयों को वीजा मिला है। वहीं, चीन के सिर्फ 635 लोगों को ही यह वीजा हासिल हुआ।
आपको बता दें कि दुनियाभर के बेस्ट टैलेंट को अट्रैक्ट करने के लिए कनाडा के द्वारा यह वीजा प्रोग्राम आयोजित करती है। इस प्रोग्राम के तहत महज 2 सप्ताह के अंदर ही वीजा मिल जाता है। इस प्रोग्राम के तहत वीजा हासिल करने वाले लोगों को लेबर मार्केट इम्पैक्ट एसेसमेंट से भी छूट होती है।