पिछले लंबे अर्से से सीरियाई मामलों पर खामोशी तोड़ते हुए अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अब इस देश में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार का तख्ता पलट करना नहीं चाहता है। हालांकि अमेरिका ने कड़े शब्दों में चेताया है कि असद के शासन में यदि मौलिक या आमूलचूल बदलाव नहीं किए गए तो पुनर्निर्माण के लिए कोई मदद नहीं दी जाएगी।
सीरिया में अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जेम्स जेफ्री ने कहा कि असद को समझौता करने की जरूरत है क्योंकि सात साल से चल रहे खूनी संघर्ष में उन्हें अभी तक जीत नहीं मिल पाई है। उन्होंने अनुमान जताया कि सीरिया में अब भी करीब 1,00,000 सशस्त्र लड़ाके मौजूद हैं। वाशिंगटन के थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में जेफ्री ने कहा, ‘हम ऐसा शासन देखना चाहते हैं जो मौलिक रूप से अलग हो और यह सत्ता परिवर्तन नहीं है, क्योंकि हम असद से छुटकारा नहीं चाहते हैं।’
सीरिया को पुनर्निर्माण के लिए 300 से 400 अरब डॉलर की जरूरत का अनुमान जताते हुए जेफ्री ने चेताया कि बदलाव के बिना पश्चिमी देश और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं उसकी मदद नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम का रुख एकदम साफ है कि जब तक सरकार समझौते को तैयार नहीं होती, खुद में बदलाव नहीं करती तब तक उसे वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।