पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस को साफ चेतावनी दी है कि वह ईरान से जुड़े संघर्ष में शामिल न हो। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई है, लेकिन रूस को इस संघर्ष से दूर रहना चाहिए।
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस को साफ संदेश दिया है कि वह ईरान से जुड़े संघर्ष में दखल न दे। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद अमेरिका ने संकेत दिया कि रूस को इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ ईरान के साथ खड़े होने से बचना चाहिए।
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हेगसेथ ने पेंटागन में हुई प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बातचीत मजबूत और स्पष्ट थी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा हुई। अमेरिका का मानना है कि मौजूदा संघर्ष को और बड़ा बनने से रोकना जरूरी है और रूस को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए।
क्या ट्रंप और पुतिन की बातचीत में पश्चिम एशिया का जिक्र हुआ?
रूस के राष्ट्रपति के सलाहकार यूरी उशाकोव के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच नौ मार्च को फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान ईरान के आसपास बढ़ते संघर्ष पर चर्चा हुई। पुतिन ने कहा कि इस संकट का समाधान राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से निकाला जाना चाहिए। वहीं ट्रंप ने इस्राइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा और युद्ध की स्थिति पर अपनी राय साझा की।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर को अमेरिका ने क्या संदेश दिया?
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान ऐसा करता है तो हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगातार सतर्क है।
मिनाब स्कूल हमले पर अमेरिका ने क्या कहा?
ईरान के मिनाब शहर में एक प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में कम से कम 168 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है। इस पर अमेरिका ने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य अभियानों में नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए सावधानी बरतता है और हर हमले की जांच की जाती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में क्या रणनीति बना रहा है अमेरिका?
पेंटागन के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर विचार कर रहा है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना जहाजों को सुरक्षा देने के लिए एस्कॉर्ट मिशन भी शुरू कर सकती है। इसके लिए संसाधन, कमान व्यवस्था और जोखिम का आकलन किया जा रहा है। पेंटागन के मुताबिक लड़ाकू विमान, बमवर्षक और मिसाइल हमलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अमेरिका का कहना है कि जब तक उसके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेगा।