ताइवान पर बलपूर्वक कब्जा करने के चीन की किसी भी कोशिश के खिलाफ अमेरिका ने कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिकी एनएसए रॉबर्ट ओब्रायन ने कहा कि चीन बड़े पैमाने पर नौसैनिक निर्माण में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसा संभवत: प्रथम विश्व युद्ध से पहले ब्रिटेन की शाही नौसेना के साथ प्रतिस्पर्द्धा करने के जर्मनी के प्रयास के बाद से कभी नहीं देखा गया है।
लास वेगास में नेवादा यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए रॉबर्ट ओब्रायन ने कहा, इसका मकसद पश्चिमी प्रशांत पर कब्जा कर ताइवान में पहुंच बनाने के लिए खुद को तैयार करना है।
ओब्रायन ने चीन और ताइवान के बीच 100 मील (160 किलोमीटर) की दूरी और द्वीप पर समुद्र तटों की ओर इशारा करते हुए कहा, इसके साथ समस्या यह है कि जलस्थलचर लैंडिंग बेहद कठिन हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा यह एक आसान काम नहीं है और ताइवान पर चीन द्वारा किए गए हमले के जवाब में अमेरिका क्या करेगा, इस बारे में बहुत अभी अस्पष्टता है।
उन्होंने कहा जब चीन, ताइवान पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तब यह देखना होगा कि अमेरिकी विकल्प क्या होंगे? ओब्रायन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चीन ने ताइवान के पास सैन्य गतिविधियों में काफी तेजी से कदम बढ़ाए हैं।
सैन्य रूप से खुद को मजबूत करे ताइवान
अमेरिकी एनएसए ओब्रायन ने ताइवान को अपनी रक्षा पर अधिक खर्च करने और चीन द्वारा किसी भी तरह के आक्रमण करने के खतरों से जूझने के लिए सैन्य सुधार करने को कहा है। उन्होंने ताइवान से कहा, आप अपनी जीडीपी का 1 फीसदी भी खर्च नहीं कर सकते हैं। ताइवान को सैन्य रूप से खुद को मजबूत करने की जरूरत है।