अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो बिना संतान के जीना चाहते हैँ। हाल में जारी एक सर्वे रिपोर्ट से सामने आया कि 19 से 49 वर्ष के जो लोग अभी माता-पिता नहीं बने हैं, उनमें से 44 फीसदी ने कहा कि अब उनके माता-पिता बनने की संभावना नहीं है। 2018 के एक ऐसे ही सर्वे में ऐसी राय सिर्फ 37 फीसदी लोगों ने जताई थी। ये दोनों सर्वे रिपोर्ट पिउ रिसर्च नाम की एजेंसी ने तैयार की। ताजा रिपोर्ट उसने अमेरिका में थैंक्सगिविंग (धन्यवाद ज्ञापन) दिवस के मौके पर जारी की। अमेरिकियों ने 25 नवंबर को धन्यवाद ज्ञापन दिवस मनाया था।
विशेषज्ञों ने कहा है कि संतान को लेकर जो ट्रेंड सामने आया है, उसका मतलब है कि भविष्य में थैंक्सगिविंग डे वैसा बड़ा उत्सव नहीं रह जाएगा, जैसा अभी है। थैंक्सगिविंग डे के दिन लोग अपने परिजनों से मिलते-जुलते हैं और जीवन उनके सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापन करते हैँ।
विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों में बढ़ रहे इस रुझान का अमेरिका की आबादी पर गहरा असर हो सकता है। देश में प्रजनन दर पहले ही रिकॉर्ड सीमा तक गिर चुकी है। इंस्टीट्यूट फॉर फैमिली स्टडीज में सीनियर फेलॉ लिमैन स्टोन ने ध्यान दिलाया है कि अमेरिका में हर उम्र वर्ग के लोगों में बिना संतान के जीने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। यही प्रजनन दर में गिरावट की प्रमुख वजह है।
अमेरिका जनसंख्या ब्यूरो के इस साल जारी आंकड़ों से सामने आया था कि अब अमेरिका में अधिक लोग निसंतान रहते हुए रिटायर हो रहे हैँ। इन आंकड़ों के मुताबिक 55 से 66 वर्ष के 19.6 प्रतिशत अमेरिकी निसंतान हैं। 65 से 74 वर्ष उम्र वर्ग में ऐसे लोगों की संख्या 15.9 और 75 वर्ष से ऊपर के लोगों में 10.9 प्रतिशत है।
एक दिलचस्प आंकड़ा यह सामने आया कि कैलिफॉर्निया राज्य के शहर सैन फ्रांसिस्को में अब कुल आबादी में बच्चों की संख्या महज 13 प्रतिशत रह गई है। 2010 में ये संख्या 13.4 फीसदी थी। इस शहर में आज बच्चों से ज्यादा संख्या पालतू कुत्तों की है।
सर्वे एजेंसी गैलप की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1930 के दशक में प्रति दंपति औसतन 3.5 बच्चे होते थे। आज ये संख्या गिर कर 2.5 रह गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में इसमें और गिरावट आएगी। क्योंकि अब अमेरिका में प्रजनन दर प्रति महिला 1.7 तक गिर चुकी है।
पिउ रिसर्च के सर्वे में पांच फीसदी लोगों ने कहा कि दुनिया के बिगड़ते पर्यावरण के कारण वे किसी नए शिशु को दुनिया में नहीं लाना चाहते। लीमैन स्टोन के मुताबिक असल में विवाह की दर में गिरावट आ रही है। स्त्री-पुरुष के साथ रहने की दर में भी गिरावट आई है। इसलिए बच्चों की संख्या घटना अस्वाभाविक नहीं है। उन्होंने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- ‘कई लोग इसको लेकर चिंतित रहते हैं कि वे अच्छे माता-पिता साबित नहीं होंगे। यह भी प्रजनन दर गिरने का कारण है।’
अमेरिका में पहले ट्रेंड था कि धार्मिक प्रवृत्ति के लोग सेकुलर रुझान वालों की तुलना में अधिक संतान पैदा करते थे। ऐसे लोग जल्दी शादी भी कर लेते थे। लेकिन हाल में ये अंतर भी घटा है। स्टोन के मुताबिक कोरोना महामारी के दौरान धार्मिक प्रवृत्ति वाले अमेरिकियों में भी संतान की योजना टालने की प्रवृत्ति बढ़ी है।