अमेरिका ने कहा जारी है उत्तर कोरिया के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत
Sat, 15 Sep 2018 10:00 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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ट्रंप-किचीन के कदमों से डोकलाम जैसी और घटनाएं होने की आशंका: पूर्व शीर्ष कंमाडर नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) सेना के दो पूर्व कमांडरों ने शुक्रवार को कहा कि चीन के कदमों से ऐसा लगता है कि भविष्य में डोकलाम जैसी और घटनाएं हो सकती है और इससे निपटने की तैयारी के लिए भारतीय सेना को प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना बनाने की आवश्यकता है। डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध के दौरान सेना के पूर्वी कमांड का नेतृत्त्व करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) प्रवीण बख्शी ने कहा कि वह सरकार के आभारी हैं क्योंकि सरकार ने उन्हें इसे लेकर कदम उठाने की पूरी स्वतंत्रता दी थी जो चीनी सैनिकों को रोकने के लिए उचित कदम रहा। पूर्व उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा (सेवानिवृत्त) ने पिछले कुछ सालों में भारत और चीन सैनिकों के बीच डोकलाम, चुमार और डेमचोक गतिरोध के बारे में बात करते हुये कहा कि तीनों घटनाएं अलग-अलग हैं और उनके पीछे का मकसद भी अलग-अलग हो सकता है, लेकिन इन सबसे एक समान पैटर्न उभर कर निकला है। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘डोकलाम रीविजिटेड’ नामक विषय पर संगोष्ठी के दौरान उन्होंने यह बात कही।म
अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा है कि उत्तर कोरिया के संभावित परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर उस देश से बातचीत चल रही है। पोम्पिओ ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ‘हम उत्तर कोरिया के साथ कई मुद्दों पर अब भी बातचीत कर रहे हैं कि कैसे सिंगापुर शिखर वार्ता के दौरान किए गए वादों को पूरा किया जाए।’
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 12 जून को हुई ऐतिहासिक शिखर वार्ता में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण का संकल्प जताया था। बहरहाल, अभी किसी चीज पर सहमति नहीं बनी है और दोनों देश इस बात को लेकर बंटे हुए हैं कि किस तरह यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
पिछले महीने, ट्रंप ने अचानक पोम्पिओ की प्योंगयांग की पूर्वनिर्धारित यात्रा रद्द कर दी थी। शीर्ष अमेरिकी राजनयिक पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका ‘संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने के लिए पहले की तरह ही प्रतिबद्ध है।’