जारी ड्राफ्ट में कहा गया है कि कॉकस 'पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदचिह्नों पर चलने' की कोशिश करेगा। इसमें चेतावनी दी गई है कि दुनिया के दूसरे हिस्से से बड़ी संख्या में लोगों के अमेरिका आते रहने के कारण अमेरिका की 'विशिष्ट पहचान' खतरे में पड़ गई है।
विश्लेषकों के मुताबिक ड्राफ्ट में कई घोर संकीर्णतावादी बातें कही गई हैं। मसलन, इसमें कहा गया है कि 'अमेरिका फर्स्ट कॉकस ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए काम करेगा, जिसके स्थापत्य कला, इंजीनियरिंग और सौंदर्य बोध में यूरोपीय आर्किटेक्चर की झलक मिले।'
इस तरह कॉकस ने साफ किया है कि उसका नजरिया श्वेत श्रेष्ठता के भाव से प्रेरित है। विश्लेषकों का कहना है कि आधुनिक समय में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में संकीर्ण सोच का ऐसी खुला इजहार पहले कभी नहीं हुआ था। ड्राफ्ट के मुताबिक ये गुट आव्रजन, शिक्षा, विदेशी सहायता और चुनावी धांधली जैसे क्षेत्रों में काम करेगा और इनमें वैकल्पिक नीति तैयार करेगा। ड्राफ्ट में इस पर फिर से विचार करने की जरूरत बताई गई है कि अमेरिकी लोगों के हितों को कैसे सर्वोच्च महत्त्व दिया जाए।
जानकारों का कहना है कि इस कोशिश और इस ड्राफ्ट को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उनके मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के लिए रिपब्लिकन पार्टी और रिपब्लिकन समर्थक मतदाताओं में मौजूद भारी समर्थन के कारण मुमकिन है कि इस कॉकस का एजेंडा ही असल में रिपब्लिकन पार्टी का एजेंडा बन जाए।
वैसे ट्रंप विरोधी रिपब्लिकन नेताओं ने इस ड्राफ्ट का विरोध किया है। शनिवार को हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैकार्थी ने एक ट्वीट में कहा कि 'रिपब्लिकन पार्टी अब्राहम लिंकन की पार्टी है। यह संकीर्ण भावनाएं भड़काने वाली नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने वाली पार्टी है।'
हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की सदस्य लिज चेनी ने इस ड्राफ्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- हम अपने बच्चों को सहनशीलता, शिष्टता और नैतिक साहस की शिक्षा देते हैं। नस्लवाद और संकीर्णता बुराई हैं। इतिहास की शिक्षा यह है कि ऐसी बुराइयों के खिलाफ हमें संघर्ष करना चाहिए। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के एक अन्य सदस्य ऐडम किनजिंगर ने तो यहां तक कहा है कि जो लोग इस कॉकस में शामिल होंगे, उन्हें रिपब्लिकन पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए।