संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जताई है कि सभी सदस्य देश सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत अपने दायित्वों का पालन करेंगे। उनका यह बयान तब आया है जब अमेरिका की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान अब भी आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना है क्योंकि उसने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने आतंकवाद को लेकर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय रूप से केंद्रित आतंकवादी समूहों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। 2019 में देश को अमेरिका से किसी तरह की मदद नहीं दी गई। रोजाना होने वाली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब गुतारेस से अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्ट पर टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा, ‘जाहिर है हम सभी सदस्य राष्ट्रों से अपेक्षा करते हैं कि वे किसी भी संबंधित सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव या सुरक्षा परिषद के निर्णय को लेकर अपने दायित्वों का निर्वाह करें।’
यह भी पढ़ें-चीन पर राहुल ने फिर सरकार को घेरा, भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस को दिखाया 'आईना'
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने आतंक के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए 2019 में मामूली कदम उठाए और फरवरी में भारत के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को रोकने के लिए किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि यह क्षेत्रीय रूप से केंद्रित आतंकवादी समूहों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना रहा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान ने कुछ बाहरी रूप से केंद्रित आतंकी समूहों जैसे लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई की लेकिन वैश्विक आतंकी और 2008 में मुंबई में हुए हमले के आरोपी मसूद अजहर के खिलाफ कुछ नहीं किया।
इसके अलावा उसने मुंबई हमलों के प्रोजेक्ट मैनेजर साजिद मीर के खिलाफ भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। माना जाता है कि दोनों पाकिस्तान में आजाद हैं। बता दें कि यूएन की 1267 प्रतिबंध समिति ने पिछले साल मई में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। उसकी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया था और उसपर 10 साल यात्रा प्रतिबंध लगाया था। भारत ने यूएन द्वारा उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग की थी।