विद्रोहियों की यह भी गारंटी है कि अफगानिस्तान को फिर से जिहादी समूहों (अल-कायदा और आईएस) द्वारा विदेशी हमलों की साजिश के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ करीबी सलाहकारों को इस पर अभी गहरा संदेह है। लेकिन शनिवार को शांति पर होने वाले दस्तखत में तालिबान के साथ भरोसा पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इमरान कतर रवाना, शांति समझौते में नहीं लेेंगे भाग
शनिवार को दोहा में होने वाले शांति समझौते पर दस्तखत के बीच पाकिस्तानी पीएम इमरान खान बृहस्पतिवार को कतर की एक दिनी यात्रा पर पहुंचे। हालांकि वे 29 फरवरी को अमेरिका व तालिबान के बीच होने वाले शांति समझौते में वहां मौजूद नहीं रहेंगे। लेकिन वे कतर दौरे पर अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल-थानी से मुलाकात करेंगे।