अमेरिका ने भारत को टर्मिनल हाई एल्टिट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) और पैट्रियन अडवांस्ड कैपेबिलिटी (पीएसी-3) मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेचने की पेशकश की है। टीएचएएडी और पीएसी-3 को रूस के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के विकल्प के रूप में रखा गया है। हालांकि इस पेशकश की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अमेरिका नहीं चाहता है कि भारत रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, हम सार्वजनिक रूप से प्रस्तावित रक्षा बिक्री की पुष्टि नहीं करते हैं। दरअसल, हम तब तक इसकी पुष्टि नहीं करेंगे जब तक कि इसके बारे में औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस को सूचित नहीं किया जाता है। बता दें कि भारत कई सालों तक चली बातचीत के बाद रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद के लिए समझौता कर चुका है। इस समझौते के तहत भारत को अक्टूबर 2020 से डिलिवरी शुरू हो जाएगी।
भारत ने रूस के साथ पांच एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स का समझौता किया है। रूस की ओर से अक्टूबर 2020 से अप्रैल 2023 तक इनकी डिलिवरी कर दी जाएगी। इस समय एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को विश्व में सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसे पाकिस्तान और चीन से लगती सीमा के अलावा दिल्ली जैसे बड़े शहरों के पास लगाया जाना प्रस्तावित है।
काट्सा पर फैसला नहीं
अमेरिका ने रूस के साथ हथियार खरीद को लेकर भारत के खिलाफ फिलहाल काट्सा यानी काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रूसैंक्शंस ऐक्ट लगाने का फैसला नहीं लिया है। ट्रंप प्रशासन के इस प्रतिबंध के लगाने से भारत की सामरिक और आर्थिक शक्ति प्रभावित होगी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अमेरिका भारत पर काट्सा लगाने से बच रहा है, ताकि दोनों देशों के संबंधों पर इसका प्रतिकूल असर नहीं पड़े।