इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि हमारी वायुसेना के मुताबिक अमेरिका ने 2013 के बाद से पिछले साल किसी भी अन्य वर्ष की तुलना में अफगानिस्तान पर सबसे ज्यादा बम बरसाए हैं। इसी दौरान तालिबान से शांतिवार्ता चलती रही। तालिबान के साथ समझौते के लिए समर्थन जुटाने के मकसद से अमेरिका के शांति दूत जलमय खलीलजाद ने पाकिस्तान पहुंचे।
अमेरिकी बम हमलों में इजाफा और सीआईए प्रशिक्षित अफगान विशेष बलों के अभियानों की मानवाधिकार समूहों और कुछ अफगान अधिकारियों ने तीखी आलोचना की है। संयुक्त राष्ट्र ने भी अमेरिका की ओर से बढ़े हुए बम हमलों को अफगानिस्तान में आम नागरिकों की मौत में वृद्धि के लिए कुछ हद तक जिम्मेदार माना है। अमेरिका ने 2018 में हवाई हमलों में इजाफा किया और इससे मृतकों की संख्या में भी इजाफा हुआ।
अमेरिकी मध्य कमान संयुक्त वायु अभियान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में अमेरिकी वायुसेना ने अफगानिस्तान पर 7,423 बम गिराए जो 2018 के मुकाबले ज्यादा थे। अमेरिका ने 018 में वहां 7,362 बम गिराए थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने खलीलजाद से हुई कई बैठकों के बाद कहा कि उसने तालिबान के साथ त्वरित शांति समझौते और हिंसा घटाने की वाशिंगटन की लगातार अपील को समर्थन दिया है।