फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

H1-B: बड़े बदलाव होंगे, योग्यता आधारित चयन पर ही मिलेगा वीजा; भारत के साथ लाखों विदेशी श्रमिक-छात्रों पर असर

Thu, 28 Aug 2025 07:17 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला, बोनस टीम/एजेंसी वाशिंगटन/नई दिल्ली

सार

 वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा, मौजूदा एच1-बी वीजा प्रणाली एक घोटाला है, जो विदेशी श्रमिकों को अमेरिकियों की नौकरी छीनने का अवसर देती है। अमेरिकी श्रमिकों को काम पर रखना सभी अमेरिकी कंपनियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब अमेरिकी लोगों को काम पर रखने का समय आ गया है। 
 
विज्ञापन
एच1-बी वीजा में बड़े बदलाव होंगे - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी पाना अब आसान नहीं होगा, क्योंकि अमेरिका अपने एच1-बी वीजा और ग्रीन कार्ड प्रोग्राम को पूरी तरह से बदलने जा रहा है। वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने एच1-बी वीजा प्रणाली को गड़बड़ बताते हुए इसकी प्रक्रिया बदलने और ग्रीन कार्ड प्रोग्राम बदलने की बात कही। वह बोले, अब यह वेतन योग्यता आधारित चयन पर आधारित होंगे।

विज्ञापन


लुटनिक ने कहा, मौजूदा एच1-बी वीजा प्रणाली एक घोटाला है, जो विदेशी श्रमिकों को अमेरिकियों की नौकरी छीनने का अवसर देती है। अमेरिकी श्रमिकों को काम पर रखना सभी अमेरिकी कंपनियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब अमेरिकी लोगों को काम पर रखने का समय आ गया है। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए लुटनिक ने कहा, इस पूरी प्रक्रिया को ही बदला जाने वाला है। अब समय आ गया है कि  अमेरिका केवल सर्वश्रेष्ठ लोगों को ही चुनकर लाएगा और सुविधाएं देगा।

ये भी पढ़ें: अल्जीरिया दौरे पर भारतीय सेना प्रमुख: स्कूल ऑफ कमांड एंड मेजर स्टाफ का दौरा किया, शिक्षकों-कैडेट्स की तारीफ की
विज्ञापन


लॉटरी आधारित प्रणाली को बदला जाएगा
लुटनिक ने कहा कि वह प्रस्तावित सुधारों में शामिल हैं, जिसका उद्देश्य मौजूदा लॉटरी-आधारित सिस्टम को अधिक चयनात्मक मॉडल से बदलना है। औसत अमेरिकी प्रति वर्ष 75,000 डॉलर कमाता है और औसत ग्रीन कार्ड धारक 66,000 डॉलर प्रति वर्ष कमाता है। अभी ये निचले स्तर को चुनने जैसा है। हम इसे बदलेंगे और सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाले लोग ही अमेरिका में रह पाएंगे।

वेतन-आधारित वीजा आवंटन लागू करने की तैयारी
वीजा प्रक्रिया के प्रस्तावित बदलावों में एच1-बी लॉटरी प्रणाली को खत्म किया जाएगा और उसकी जगह वेतन-आधारित वीजा आवंटन लागू होगा। वेतन के आधार पर वीजा आवेदनों को चार स्तरों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें उच्च वेतन वाली नौकरियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यानी, जिसका वेतन ज्यादा होगा, उसे पहले वीजा मिलेगा। इस तरह सिर्फ कुशल श्रमिक ही अमेरिका को मिलेंगे।

भारतीय होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
अमेरिका के इस कदम से वहां रहने वाले भारतीय सर्वाधिक प्रभावित होंगे। इस बदलाव से अमेरिका में भारतीय आईटी इंजीनियरों की नौकरी पर खतरा आएगा। वित्त वर्ष 2023-24 में 2 लाख से ज्यादा भारतीयों ने एच1-बी वीजा हासिल किया था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: India-Russia Ties: रूस को भारत का न्योता, राजदूत कुमार बोले- अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश करें रूसी कंपनियां

पेशेवरों के लिए वीजा पाना कठिन होगा
वीजा प्रक्रिया में बदलाव का भारत पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। नई नीति से कम वेतन वाली नौकरियों के लिए वीजा मुश्किल होगा, जिससे भारतीय पेशेवरों की नौकरियां खतरे में पड़ेंगी। ये बदलाव भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी शिक्षा को कम आकर्षक बना सकता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें