अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि वह टिकटॉक को उसके चीनी मालिक बाइटडांस से अलग करने की समयसीमा को चौथी बार बढ़ाने के लिए तैयार हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो टिकटॉक को अमेरिका में प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा।
एक संघीय कानून के तहत लोकप्रिय शॉर्ट-फॉर्म वीडियो एप को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए अपने मालिकाना हक में बदलाव करना होगा। इसके लिए टिकटॉक को सितंबर के मध्य तक नया अमेरिकी मालिक ढूंढना है।
इससे पहले प्रतिबंध की समयसीमा जनवरी, फिर अप्रैल और बाद में जून में बढ़ाई गई थी। अब इसे एक बार और बढ़ाया गया है। ट्रंप का कहना है कि टिकटॉक को खरीदने के लिए कई बड़े अमेरिकी खरीदार तैयार हैं, लेकिन यह सौदा अगले महीने तक पूरा नहीं हो पाएगा, क्योंकि इसमें चीन की मंजूरी भी जरूरी है।
ये भी पढ़ें: Russia-Ukraine Peace Talk: 'रूस-यूक्रेन सीजफायर पर दो हफ्ते में फैसला...', शांति बहाली की कोशिशों के बीच ट्रंप
टिकटॉक पर प्रतिबंध की मंजूरी दे चुकी है कांग्रेस
कांग्रेस पहले ही टिकटॉक पर प्रतिबंध की मंजूरी दे चुकी है, जब तक कि इसकी मूल कंपनी बाइटडांस अपनी नियंत्रक हिस्सेदारी नहीं बेच देती। लेकिन ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में अब तक तीन बार समयसीमा बढ़ाई है। अगली समयसीमा 17 सितंबर की है।
सही समय आने पर जिनपिंग से बात करेंगे ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अब तक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस बारे में बात नहीं की है, लेकिन सही समय आने पर वह बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक चीजों की जटिलताएं सुलझ नहीं जातीं, हम बस थोड़ी और अवधि बढ़ा देते हैं। लेकिन हमारे पास खरीदार हैं।
ट्रंप ने पहली बार 20 जनवरी को बढ़ाई थी समयसीमा
ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले दिन पहली बार 20 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश के जरिये समयसीमा बढ़ाई थी, जब यह प्रतिबंध लागू होने वाला था और टिकटॉक थोड़े समय के लिए अमेरिका में बंद भी हुआ था। दूसरी बार अप्रैल में विस्तार दिया गया, जब व्हाइट हाउस के अधिकारियों को लगा कि वे टिकटॉक को अमेरिकी स्वामित्व वाली एक नई कंपनी बनाने के समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। लेकिन ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद चीन के पीछे हटने से यह सौदा टूट गया।
मामले में अपने अधिकारों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे राष्ट्रपति: विशेषज्ञ
इस कानून में देरी, राष्ट्रपति की शक्ति और कानून के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े कर रही है। कई कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रपति इस मामले में अपने अधिकारों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि टिकटॉक को खरीदने में कौन सी कंपनियां रुचि दिखा रही हैं। हालांकि, इस साल वाशिंगटन के अधिकारियों ने नए अमेरिकी निवेशकों के एक समूह को लाने की योजना पर सहमति जताई थी, जिसमें निजी इक्विटी दिग्गज और उद्यम पूंजी फर्म शामिल थीं।
ये भी पढ़ें: US Bus Accident: अमेरिका में भीषण सड़क हादसा, बस में भारतीय भी सवार; कई के हताहत होने की आशंका
एक और विस्तार पैदा कर सकता है टकराव
हालांकि, एक और विस्तार करने से दिक्कत यह है कि ट्रंप प्रशासन के ही कुछ अधिकारी कह चुके हैं कि टिकटॉक पर सख्ती बरती जानी चाहिए। अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने पिछले महीने कहा था कि अगर चीन इस सौदे को मंजूरी नहीं देता तो टिकटॉक को अमेरिका में बंद कर दिया जाएगा।
सांसदों का तर्क- टिकटॉक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
अमेरिकी सांसद और खुफिया एजेंसियां लंबे समय से कह रही हैं कि टिकटॉक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, क्योंकि चीन इसके जरिये अमेरिकियों का डेटा ले सकता है या झूठी खबरें फैलाकर अपनी नीतियों को आगे बढ़ा सकता है। हालांकि, टिकटॉक ने इसका विरोध किया है और कहा है कि उसके पास सुरक्षा उपाय हैं और ऐसा नहीं हो सकता।