असम में एनआरसी के चलते 19 लाख लोगों की नागरिकता पर छाए संकट के बादल पर अमेरिका ने गहरी चिंता जताई है। अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने कहा, असम में एनआरसी सूची से बाहर हुए 19 लाख लोग जल्द किसी देश के नागरिक नहीं रह जाएंगे।
आयोग ने आरोप लगाया कि असम में इन लोगों की नागरिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और सुशासित प्रक्रिया के बिना समाप्त की जा रही है। एनआरसी की अंतिम सूची में 19 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई कि यह पूरी प्रक्रिया मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए है।
यूएससीआईआरएफ आयुक्त अनुरिमा भार्गव ने इस मुद्दे पर कांग्रेशनल आयोग के समक्ष गवाही में कहा, असम में 19 लाख लोग किसी देश के नागरिक नहीं माने जाएंगे। इससे बुरा यह है कि भारतीय राजनेताओं ने असम में मुसलमानों को अलग-थलग करने और वहां से बाहर निकालने के लिए एनआरसी प्रक्रिया का इस्तेमाल करने की अपनी मंशा लगातार दोहराई है।