अमेरिका की कार्यवाहक उप विदेश मंत्री और राजनीतिक मामलों की अवर सचिव विक्टोरिया नूलैंड ने बुधवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी से बात की। साथ ही कार्यवाहक उप सचिव नूलैंड ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी।
उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता, समृद्धि और आईएमएफ के साथ निरंतर जुड़ाव सहित आपसी चिंता के मुद्दों पर अमेरिका-पाकिस्तान साझेदारी को व्यापक और गहरा करने पर चर्चा की। साथ ही नूलैंड और विदेश मंत्री जिलानी ने पाकिस्तान के कानूनों और संविधान के अनुरूप समय पर, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के महत्व पर चर्चा की।
अमेरिका पहले से ही पाकिस्तान में चुनाव कराने पर जोर दे रहा है। बता दें कि नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में अगले साल तक चुनाव में देरी की संभावना है। पाकिस्तान की राजनीति एक साल से अधिक समय से संकट में है और इसका कारण पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान हैं। उनको पिछले साल संसदीय अविश्वास मत में अपदस्थ कर दिया गया था।
इमरान ने खुद को पीएम पद से बर्खास्त किए जाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान की सेना को दोषी ठहराया था। इमरान खान ने बार-बार अमेरिका पर निशाना साधा था। हालांकि वाशिंगटन और सेना दोनों ने उनके दावों का खंडन किया था। वहीं, नूलैंड और जिलानी के बीच हुई बातचीत में विदेश विभाग के बयान में इमरान खान का कोई जिक्र नहीं किया गया।
पाकिस्तान में नेशनल असेंबली के विघटन के 90 दिनों के भीतर आम चुनाव होने हैं, शहबाज सरकार को नौ अगस्त को समय से पहले भंग कर दिया गया था। पाकिस्तान के संविधान के अनुसार, ऐसी स्थिति में 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है। हालाँकि, 90 दिनों के भीतर होने वाले चुनावों में देरी होने की संभावना है क्योंकि सरकार ने घोषणा की है कि चुनाव नई जनगणना पूरी होने और नए निर्वाचन क्षेत्र की सीमाएँ तय होने के बाद ही हो सकते हैं।
इस कवायद को पूरा होने में लगभग चार महीने लग सकते हैं, जिसका मतलब है कि चुनाव अगले साल तक टल सकते हैं। अमेरिका हाल ही में पाकिस्तान के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करने में काफी सक्रिय रहा है।