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महात्मा गांधी की विरासत को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका में विधेयक पेश

Sat, 21 Dec 2019 10:21 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
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महात्मा गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
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अमेरिका के दिग्गज नागरिक अधिकार नेता कांग्रेसी जॉन लुईस ने महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की विरासत को बढ़ावा देने के लिए प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया और अगले पांच वर्षों के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये (150 मिलियन अमरीकी डॉलर) के बजटीय आवंटन की मांग की।

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महात्मा गांधी के 150वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया यह हाउस बिल (एचआर 5517) दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच दोस्ती को दिखाता है और महात्मा गांधी और डॉ मार्टिन लूथर किंग की विरासत और योगदान का सम्मान करता है।

अन्य बातों के अलावा, इस विधेयक में गांधी-किंग डेवलपमेंट फाउंडेशन की स्थापना का प्रस्ताव है, जो यूएसएआईडी द्वारा भारतीय कानूनों के तहत बनाया जाएगा। इस बिल में गांधी-किंग डेवलपमेंट फाउंडेशन के लिए यूएसएआईडी को अगले पांच वर्षों के लिए हर साल लगभग 200 करोड़ रुपये (30 मिलियन अमरीकी डॉलर) का बजटीय आवंटन करने की मांग की है। 
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बिल में कहा गया है कि इस फाउंडेशन में संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत की सरकारों द्वारा बुलाई गई एक शासी परिषद होगी और स्वास्थ्य, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों को अनुदान प्रदान करेगी।

यह छह अन्य डेमोक्रेटिक सांसदों द्वारा सह-प्रायोजित किया जा रहा है, जिनमें से तीन भारतीय अमेरिकी सांसद हैं- डॉ एमी बेरा, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल। वहीं, तीन अन्य कांग्रेसी ब्रेंडा लॉरेंस, ब्रैड शेरमैन और जेम्स मैकगवर्न शामिल हैं।

बिल में साथ ही 2025 तक अगले पांच वर्षों के लिए लगभग 14 करोड़ रुपये (दो मिलियन अमरीकी डॉलर) के आवंटन के साथ गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज पहल की स्थापना का प्रस्ताव है।यह सम्मेलन गांधी और किंग के कार्यों और दर्शन के अध्ययन और ऐतिहासिक स्थलों की गई यात्रा पर केंद्रित होगा। इसमें एक गांधी-किंग वैश्विक अकादमी की स्थापना करने की मांग की गई है।

विधेयक का स्वागत करते हुए, अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि यह भारत और अमेरिका के बीच 'घनिष्ठ सांस्कृतिक और वैचारिक बंधन' को मजबूत करता है।

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