अमेरिका और जापान ने चीन को चित करने के लिए दुनिया के चार शक्तिशाली देशों से हाथ मिलाया है। समुद्र में चीन की दादागीरी को खत्म करने के लिए अमेरिका और जापान ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली को दक्षिण चीन सागर में आमंत्रित किया है।
यूरोपीय देश 2021 में हिंद प्रशांत क्षेत्र को लेकर गंभीर रुख अपनाने वाले हैं। यह क्षेत्र आने वाले समय में इन देशों की सामरिक रणनीति में प्राथमिकता पर होगा। ब्रिटेन विमानवाहक युद्धपोत क्वीन एलिजाबेथ और उसके स्ट्राइक ग्रुप को पूर्वी एशिया में तैनात करेगा। जबकि फ्रांस जापान के पास अपना नौसैनिक युद्धपोत भेजने जा रहा है, जबकि जर्मनी एक फ्रिगेट भेजेगा।
वहीं जर्मनी भी चीन के बढ़ते विस्तारवाद पर लगाम लगाने के लिए हिंद महासागर और आसपास के इलाके में अपनी नौसेना को तैनात करने की योजना बना रहा है।
जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल की उत्तराधिकारी समझी जाने वाली विदेश मंत्री अन्नाग्रेट क्रांप ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि दुनिया की भलाई के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में जर्मनी को इस क्षेत्र में अपनी पहचान बढ़ानी होगी।